जनगणना-2027: अब डिजिटल होगी देश की गिनती, घर बैठे ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ से दर्ज करें अपना विवरण
अलीगढ़। भारत की आगामी जनगणना-2027 को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने इस बार एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। पारंपरिक घर-घर सर्वे के साथ-साथ अब नागरिक ऑनलाइन स्व-गणना (Self-Enumeration)की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि 21 मई तक यह विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोग मोबाइल या लैपटॉप के जरिए अपनी जानकारी स्वयं पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।
दो चरणों में होगी गणना की प्रक्रिया
जिलाधिकारी के अनुसार, पूरी प्रक्रिया को दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
- प्रथम चरण (मकान सूचीकरण): इसमें मकान की स्थिति, कमरों की संख्या, पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट और रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधाओं का विवरण लिया जाएगा।
- द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): इसमें परिवार के सदस्यों का नाम, आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, जन्म स्थान और मातृभाषा जैसी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज की जाएगी।
स्टेप-बाय-स्टेप: ऐसे करें ऑनलाइन स्व-गणना
यदि आप स्वयं अपना विवरण दर्ज करना चाहते हैं, तो इन आसान चरणों का पालन करें:
- रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले भारत सरकार के आधिकारिक जनगणना पोर्टल या मोबाइल ऐप पर जाएं।
- लॉगिन: अपने मोबाइल नंबर या पहचान आधारित सत्यापन के जरिए लॉगिन करें।
- विवरण भरें: परिवार के मुखिया द्वारा परिवार का मूल विवरण दर्ज किया जाएगा, जिसके बाद प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत जानकारी भरी जाएगी।
- सत्यापन व सबमिशन: जानकारी को री-चेक करें और सबमिट बटन दबाएं।
- संदर्भ संख्या (Reference Number): अंत में प्राप्त होने वाली रेफरेंस संख्या को भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
नोट: ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद, नियुक्त प्रगणक (Enumerator) आपके घर आकर केवल उस विवरण का भौतिक सत्यापन कर सकते हैं।
विकास भवन में अधिकारियों ने पेश की मिसाल
बुधवार को अलीगढ़ के विकास भवन स्थित गांधी सभागार में जिला विकास अधिकारी (DDO) आलोक आर्य के देखरेख में अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी की। डीडीओ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल और समय बचाने वाली है।
क्यों जरूरी है सही जानकारी?
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना के ये आंकड़े ही भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधनों के सही वितरण और विकास कार्यों का आधार बनेंगे। जिन नागरिकों के पास इंटरनेट नहीं है, उनके लिए प्रगणक पहले की तरह घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।