विकसित भारत थीम पर संकाय विकास कार्यक्रम का समापन
इगलास। मंगलायतन विश्वविद्यालय में “विकसित भारत 2047 के लिए उच्च शिक्षा का रूपांतरण: राष्ट्रीय सुधारों का सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के साथ एकीकरण” विषय पर आयोजित संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का समापन हुआ। आठ दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च तथा इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से किया गया।
समापन सत्र की शुरुआत आईईआर के निदेशक प्रो. दिनेश पांडेय के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा को नवाचार, तकनीक और मूल्य-आधारित शिक्षण से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के संयोजक एवं आईक्यूएसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार उपाध्याय ने आठ दिनों तक चले एफडीपी की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा सुधारों, सतत विकास लक्ष्यों और विकसित भारत 2047 की संकल्पना से जोड़ने का प्रयास किया गया, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक प्रभावी और समाजोपयोगी बन सके। समापन भाषण में डीन एकेडमिक्स प्रो. राजीव शर्मा ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शोध, नवाचार और अंतर्विषयक अध्ययन को उच्च शिक्षा की प्राथमिकता बताते हुए शिक्षकों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। प्रो. दीपशिखा सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डा. दीपमाला ने किया। इस अवसर पर प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी, प्रो. अशोक उपाध्याय, प्रो. आरके शर्मा, प्रो. जितेंद्र सिंह, डा. लव मित्तल सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, संकाय सदस्य उपस्थित रहे।