नाले में मिला ढाई साल की बच्ची का शव, मचा कोहराम
पिसावा। थाना क्षेत्र के गांव महगौरा में मंगलवार को लापता हुई बच्ची का शव बुधवार को गांव के बाहर नाले में पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वहीं घटना के बाद बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
महगौरा निवासी भीमसेन की सबसे छोटी ढाई वर्षीय बेटी लक्ष्मी मंगलवार दोपहर में दादा ओमप्रकाश के खेतों पर जाने के दौरान पीछे-पीछे चली गई, लेकिन दादा को इस बात की जरा भी जानकारी नहीं हो पाई। शाम को दादा के घर लौटने के बाद बच्ची के बारे में जानकारी की तो पता चला कि वह घर पर नहीं हैं। जिस पर परिजनों को चिंता हुई और बच्ची की तलाश शुरू कर दी। सारी रात तलाश के बाद भी जब बच्ची का कहीं पता न चल सका तो बुधवार को परिजनों ने बच्ची की गुमशुदगी थाने में दर्ज करा दी।
नाले में पड़ा मिला बच्ची का शव
बच्ची के गुम हो जाने पर पुलिस टीम तुरंत सर्तक हो गई। सीओ खैर राजीव द्विवेदी व इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह मय फोर्स के गांव में पहुंच गए और जानकारी जुटाई। इस दौरान पुलिस ने जाल आदि की मदद से गांव में पोखर आदि में बच्ची को तलाश कराया, लेकिन कहीं पता न चल सका। शाम को ग्रामीणों को गांव से ही कुछ दूरी पर गुजर रहे नाले में बच्ची का हाथ दिखाई पड़ा। पुलिस ने बच्ची के शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
घर में सबकी लाड़ली थी लक्ष्मी
परिजनों के अनुसार लक्ष्मी तीन बहनों में सबसे छोटी थी और सबकी लाडली थी। सभी को खूब हंसाती थी। शाम को दादा और पापा के घर आते ही बाहर घूमने की जिद करती थी। परिजनों को जरा भी यकीन नहीं हो रहा था कि उनकी लाडली बिटिया अब इस दुनियां में नहीं है। उधर घटना के बाद बच्ची की मां अंजू व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह ने बताया कि बच्ची का बाबा के पीछे जाने के दौरान संभवत: खड़ी घास में पैर फंस जाने से चलते नाले में गिरकर डूब जाने से मौत हुई है। बच्ची की चप्पल भी घास में फंसी हुई मिली है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।