बुजुर्ग पिता का सपना हुआ साकार, कन्यादान सुमंगल फाउंडेशन बना मददगार
एक वर्ष में ही 26 कन्याओं के हाथ पीले करा चुका फाउंडेशन, 27 वीं बिटिया की शादी को पहुंचाया सामान
गभाना। माता-पिता ने बेटियों के लिए तमाम सपने देखे थे, लेेकिन वक्त ने उन सपनों को पूरा होने में अड़चन पैदा की तो उन सपनों को पूरा करने में गभाना का कन्यादान सुमंगल फाउंडेशन आगे आया है। फाउंडेशन के सदस्यों ने बिटिया के हाथ पीले करने एवं हंसी-खुशी के माहौल में उसके सपनों के राजकुमार के साथ सुखद विदाई की भी तैयारी कर ली है। ग्रामीण इस नेक कार्य की सराहना करते नहीं थक रहे हैं। फाउंडेशन ने अपने गठन के महज एक वर्ष में ही अब तक 26 पात्र कन्याओं की शादी कराते हुए उनका कन्यादान कराया है। अल्प समय में ही इस फाउंडेशन को जिले भर में अच्छी खासी पहचान मिल रही है और बड़ी संख्या में लोग इस नेक मुहिम से जुड़कर हरसंभव मदद को आगे आ रहे हैं।
कस्बा गभाना के रहने वाले एवं आर्मी में बतौर कैप्टन दुष्यंत सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर कन्यादान सुमंगल फाउंडेशन का करीब एक वर्ष पूर्व ही गठन किया गया है। फाउंडेशन अब तक 26 निर्धन कन्याओं का धूमधाम से विवाह संपन्न करा चुका था। चार फरवरी को यह संख्या अब 27 तक पहुंच जाएगी।
फाउंडेशन ने तहसील अतरौली क्षेत्र के थाना बरला के गांव गाजीपुर में एक गरीब बिटिया का कन्यादान करने का निर्णय लिया है। बिटिया के पिता बुजुर्ग हैं, जबकि बीमार रहते हैं। छोटा भाई किराए का ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता हैं। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते बेटी की शादी में अड़चन आ रही थी। जब यह बात फाउंडेशन के सदस्यों को हुई तो उन्होंने बुजुर्ग पिता को बिटिया की शादी धूमधाम से कराने के लिए आश्वस्त किया। फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को बिटिया के लिए घरेलू एवं जरुरत का सामान उनके घरों पर पहुंचकर भेंट किया तो सबकी आंखें नम हो गई। फाउंडेशन के प्रयासों से परिजनों ने बिटिया को उसके सपनों के राजकुमार के साथ सुखद विदाई कराने की तैयारी कर ली है। फाउंडेशन के सदस्यों ने कन्या को जीवन में खुशियों का आर्शीवाद भी दिया।
वहींं संस्था के अध्यक्ष कैप्टन दुष्यंत सिंह ने महाराष्ट्र के पुणे में तैनाती होने के चलते वीडियो कॉल के माध्यम से बिटिया व उसके परिजनों को शुभकामनाएं दी। कन्या की चार फरवरी को धूमधाम से शादी संपन्न होंगी। फाउंडेशन के मददगार बनने से बिटिया के घर में अब खुशियों का माहौल है। माता-पिता एवं परिजनों को शादी की तैयारियों को लेकर जो भी चिंताएं थीं वो अब दूर हो चुकी हैं। ऐसे में परिजन कन्यादान फाउंडेशन के सदस्यों को धन्यवाद देते नहीं थक रहे हैं।

गरीब बेटी की शादी में सहयोग से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं- दुष्यंत
कैप्टन दुष्यंत सिंह ने कहा कि फाउंडेशन का लक्ष्य नाम की प्रसिद्धि पाने के लिए नहीं है। बस लक्ष्य इतना है कि किसी भी मां-बाप के लिए बेटी पैदा होने पर बोझ न लगे और वे हंसी-खुशी उसे उसकी ससुराल विदा कर सकें। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन का प्रयास है कि किसी भी निर्धन कन्या के हाथ पीले होने में यदि कोई अड़चन आ रही है तो इसके लिए सदस्य मिलकर उस बाधा को दूर करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन के कार्यों को देखकर अब तक इससे करीब 3000 से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। यह कारवां लगातार बढ़ता चला रहा है। सबसे खास बात है कि फाउंडेशन में कोई पदाधिकारी नहीं है सभी इसमें सदस्य की हैसियत से काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर चौधरी अजय सिंह, ठाकुर धर्मेंद्र सिंह, प्रवीन शर्मा, नितिन वर्मा, अमित गोयल, सचिन सारस्वत, दुर्गेश गोयल, मुकेश गर्ग, लोकेंद्र कश्यप बंटी, अमित शर्मा पत्रकार, विवेक शर्मा, गुड्डन सिंह, सुशील गुप्ता आदि मौजूद रहे।