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गभाना में फिर से संचालित हुई इलेक्ट्रिक बसें, लोगों ने खुशी में बांटी मिठाई

- चैयरमैन ने चालक-परिचालक को मिठाई खिलाकर जताया आभार

गभाना। कस्बा वासियों की लंबे से इलैक्ट्रिक बसें चलवाने की मांग को देखते हुए शासन-प्रशासन की ओर से शुक्रवार से इलैक्ट्रॉनिक बसों का संचालन शुरू करा दिया। इलैक्ट्रिक बसों के कस्बा में आते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। लोगों ने मिष्ठान का वितरण करते हुए शासन-प्रशासन का आभार जताया।

बता दें कि परिवहन विभाग की ओर से कुछ समय पूर्व जिला मुख्यालय से तहसील मुख्यालय तक इलैक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कराया था, लेकिन एक माह बाद ही बसों का बिना किसी सूचना के संचालन को बंद करा दिया था। इलेक्ट्रिक बसें महरावल से जिला मुख्यालय लगातार चल रही थी, लेकिन कस्बा में बसें न आने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यात्रियों व छात्र-छात्राओं को मजबूरन डग्गेमार वाहनों का सहारा लेकर जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ रहा था। जिसको लेकर स्थानीय लोग व व्यापारी लंबे समय से कस्बा में इलैक्ट्रिक बसों के संचालन की मांग करते चले आ रहे थे।

लखनऊ में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात  करते चेयरमैन कुंवर अभिमन्युराज सिंह (फाइल फोटो)

चैयरमैन ने परिवहन मंत्री से मुलाकात कर बसों के संचालन को की थी मांग

तहसील मुख्यालय से जिला मुख्यालय तक इलैक्ट्रिक बसों के संचालन की मांग काफी लंबे से चली आ रही थी। निकाय चुनावों में ई-बसों का मुद्​दा ग्रामीणों ने जोर शोर से उठाया था। जिस पर चैयरमैन कुंवर अभिमन्युराज सिंह ने ग्रामीणों को बसों का संचालन कराने का आश्वासन दिया था। चैयरमैन ने पिछले दिनों कस्बा व क्षेत्र की ज्वलंतशील समस्याओं को लेकर लखनऊ में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने परिवहन मंत्री को सौंपे पत्र में था कि कस्बा गभाना में वर्षों पुराना रोडवेज बस स्टैंड बना हुआ है।

जहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छात्र, नौकरी पेशा वाले व व्यापारियों का आवागमन रहता है। पूर्व में रोडवेज बस में कैंटीन होने के चलते बसें बस स्टैंड पर आती थी। लेकिन कई वर्ष पूर्व कैंटीन बंद होने के बाद से चालक व परिचालक बसों को कस्बा में अंदर लाने की वजाय हाईवे बाईपास से होकर निकाल ले जाते हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात्रि के समय तो गभाना के वांशिदों को और भी भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।

रोडवेज बसें कस्बा से होकर न गुरजने से यात्रियों को डग्गेमार वाहनों से जोखिम भरा सफर करना पड़ता है। वहीं राजस्व की भी हानि हो रही है। उन्होंने बस स्टैंड की दशा सुधारने तथा कस्बा से इलैक्ट्रिक बसों व रोडवेज बसों का संचालन कराने की मांग की थी। वहीं चैयरमैन ने कमिश्नर व डीएम से भी मुलाकात जिला मुख्यालय से तहसील मुख्यालय तक ई-बसों के संचालन कराने की मांग की थी।

बांटी मिठाईयां जताया आभार

शुक्रवार को कस्बा में ई-बसों का संचालन शुरू होते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन व चेयरमैन अभिमन्युराज सिंह का आभार जताया। वहीं चेयरमैन ने ई-बस के चालक व परिचालक को मिष्ठान खिलाने के साथ लोगों में मिष्ठान का वितरण किया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के लोगों की समस्या उनकी निजी समस्या हैं। वह सभी समस्याओं काे हल कराने में कोई भी कसर नहीं छोड़ेगे।क्षेत्रीय प्रबंधक ने फीता काटकर किया शुभारंभ

यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सूतमील से गभाना, जलाली व खेरेश्वर से अकराबाद के लिए शुक्रवार को ई-बसों का संचालन शुरू किया है। सारसौल स्थित ई-बस डिपो पर क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने फीता का बसों के संचालन का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि सभी रूटों पर सुबह छह बजे से संचालन शुरू हो जाएगा। तथा हर पंद्रह मिनट में एक ई-बस चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गभाना के लिए छह, जलाली के लिए छह व अकराबाद के लिए पांच बसें संचालित की जाएंगी।

यह होगा किराया

मार्ग दूरी  किराया
सूतमिल से गभाना 19 किमी. 35 रुपये
सूतमिल से जलाली 22.5 किमी 40 रुपये
खेरेश्वर से अकराबाद  29 किमी 45 रुपये

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