शादी की सालगिरह को बनाया यादगार, किया रक्तदान, दिया दोस्तों ने साथ
गभाना। समय जिस परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उनमें पारिवारिक रिश्तों के साथ दांपत्य जीवन में भी इसका असर देखा जाता है। लेकिन इन्हीं में से कुछ लोग सकारत्मक सोच के साथ सेवाभावी होते हैं। जो अपनी हर छोटी-बड़ी खुशियां समाजहित को समर्पित करने का विचार रखते हैं। मदद का जज्बा रखने वाले ऐसे लोगों को केवल मौके का इंतजार रहता है, ऐसे ही मदद का जज्बा रखने वाले कस्बा के युवा व्यापारी ने अपनी शादी की सालगिरह के अवसर रक्तदान शिविर लगवाकर अनूठी पहल की है। उन्होंने न सिर्फ खुद रक्तदान किया, बल्कि उनके परिजनों व दोस्तों ने भी रक्तदान कर शादी की सालगिरह को यादगार बनाया है।
कस्बा के युवा व्यापारी लोकेन्द्र कश्यप उर्फ़ बंटी की शनिवार को शादी की 18 वीं सालगिरह थी। इस उपलक्ष्य में उन्होंने आमजन को रक्तदान के प्रति प्रेरित करने वाली सत्यमन मानव सेवा संस्था के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन कराया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान दुनियां का सबसे बड़ा दान होता है, इस दान से हम दूसरों के जीवन को बचा सकते हैं। रक्तदान का महत्व हमें उस वक्त समझ आता है। जब हमारा कोई अपना प्रियजन अस्पताल में रक्त के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा होता है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ्य व्यक्ति को तीन माह में एक बार रक्तदान कर दूसरों की जान बचाने को आगे आना चाहिए। इस दौरान लोकेंद्र कश्यप के अलावा परिजनों, दोस्तों समेत कुल 20 लोगों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। जिन्हें संस्था की ओर से सम्मानित किया गया। शिविर में कृष्णा देवी, जगदीप कश्यप नेताजी, प्रवीन शर्मा, अमित गुप्ता, समर पालीवाल, राकेश सिंह, भुवनेश गोयल, बिट्टू सिंह, आदि का सहयोग रहा।
रक्तदान मनुष्य के जीवन में तीर्थधाम करने के बराबर
गभाना। बीधानगर स्थित बोन ब्रैड फैक्टरी में सत्यमन मानव सेवा संस्था के तत्वावधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष चौ. अजय सिंह व यूनिट हैड नीरज तेगी ने फीता काटकर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान होता है। रक्तदान मनुष्य के जीवन में तीर्थधाम करने के बराबर होता है, क्योंकि एक बार रक्तदान करके तीन जरूरतमंद लोगों की जान को बचाया जा सकता है। रक्तदान करने से कमजोरी नहीं आती है। हकीकत यह है कि रक्तदान से जितना खून आपके शरीर से निकलता है, उसकी भरपाई मात्र तीन दिन में हो जाती है। रक्तदान से शरीर में रक्त कोशिकाएं तेजी से बनने लगती है और लाल रक्त कोशिकाओं का पुन:निर्माण होता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी अधिक रहती है। रक्तदान करके विभिन्न बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। शिविर में कुल 34 रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। शिविर में जिला अस्पताल की ब्लड बैंक के अलावा विनीत मेहता, कपिल कुमार शर्मा, सुनील कुमार, संज्जनपाल, मनोज शर्मा, मनवीर, विष्णु राना, देवराज सिंह, अजीत सिंह, समी हसन, नवाज शरीफ, पप्पू कुमार, सनी, दीप चंद आदि का सहयोग रहा।