घराती कर रहे थे दूल्हों का इंतजार, सगी बहनों ने कर दिया शादी से इंकार
– मुजफ्फरनगर से पहुंची थी बरात, उससे पहले ही बिगड़ गई बात
– भांजियों का बड़े मामा ने निभाया साथ, बोले बालिग होने तक नहीं होने देंगे शादी
लोधा। दो सगी बहनों ने अपनी शादी को लेकर तमाम सपने संजो रखे थे, लेकिन वे नाबालिग होते हुए शादी नहीं करना चाहती थी। पिता और परिजनों को उन्होंने लाख समझाया लेकिन वे अपनी जिद पर अड़े रहे। घर में पिछले कई दिन से शादी की तैयारियां चल रही थी, लेकिन दुल्हन बनने वाली दोनों बहनों के चेहरे पर खुशी की जगह गम के बादल छाए हुए थे। आखिर शुक्रवार को दोनों की बरात आनी थी। इस पर दोनों बहने सुबह से ही उदास थी। माता, पिता, नानी और छोटे मामा समेत घरवाले उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे। इस बीच दोनों बहनों ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। उधर शादी में शामिल होने पहुंचे मामा को दोनों बहनों ने सच्चाई बताई तो वे भी शादी करने के विरोध में आ गए। उन्होंने साफ कह दिया जब तक दोनों बेटियां बालिग नहीं होंगी यह शादी हरगिज नहीं होगी।
मुजफ्फरनगर से आनी थी बरात
मामला लोधा क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा हुआ है। गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 17 और 15 वर्षीय बेटियों की शादी मुजफ्फरनगर के रहने वाले किसी दूसरी बिरादरी के युवकों से तय कर दी। शुक्रवार को बारात आनी थी इसको लेकर घर में पिछले कई दिनों से शादी को लेकर चहल-पहल थी। दुल्हन बनने वाली दोनों किशोरी इस रिश्ते से नाखुश थी। दोनों चाहती थी कि कम उम्र में उनकी शादी न हो। माता -पिता के अलावा नानी और छोटे मामा उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे। शादी में शामिल होने के लिए किशोरियों के बड़े मामा भी पहुंच गए। दोनों भांजी मामा के सामने रोने लगी और उन्होंने शादी न करने की बात कही। मामले की जानकारी होने पर मामा भी किशोरियों के पक्ष में आ गए और उन्होंने शादी को रोक देंगे की बात कही। इसको लेकर उनकी परिजनों से नोकझोंक तक हो गई, लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। आखिरकार किशोरियों और मामा की जिद के आगे शादी को रोकना पड़ा। इस पर बरात लेकर पहुंचे दोनों दूल्हों को बिना दुल्हन के ही बैरंग लौटना पड़ा। यह घटनाक्रम पूरे इलाके में शुक्रवार को चर्चा का विषय बना रहा। हर कोई सगी बहनों की हिम्मत की दाद दे रहा है, जो उन्होंने अपने साथ हो रहे अन्याय का कड़ा विरोध कर जबरन हो रही शादी को रुकवाने का काम किया है।