रॉयल स्टार न्यूज : अलीगढ़ और गभाना क्षेत्र से इस समय की प्रमुख खबरें...

अलीगढ़ के सरकारी अस्पताल में मानवता की ‘हत्या’, झाड़ियों में दिया बच्चे को जन्म

परिवार के लोगों ने लगाया आरोप, एक हजार रुपये न देने पर इगलास सीएचसी में भर्ती नहीं किया

महिलाओं ने साड़ियों की ओट से झाड़ियों में कराई डिलीवरी

अलीगढ़। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के बड़े-बड़े दावों की पोल उस समय खुल गई, जब कस्बा के लक्ष्मण देवदत्त सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा के दौरान स्टाफ ने भर्ती करने से मना कर दिया। प्रसव पीड़िता को अलीगढ़ ले जाने को कह दिया गया, लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई। प्रसव पीड़ा से चीखती महिला ने अस्पताल के गेट के पास ही झाड़ियों में बच्चे को जन्म दिया। शुक्र रहा उन राहगीर महिलाओं का जिन्होंने प्रसव पीड़िता की मदद की। स्वजन ने स्टाफ पर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। इस संबंध में इंटरनेट मीडिया पर वीडियो भी प्रसारित हो रहा है।

कस्बा के हाबूडामुहल्ला निवासी बबलू अपनी पत्नी सुमन को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे स्वजन के साथ सीएचसी लेकर आया था। यहां स्टाफ ने प्रसव पीड़िता को भर्ती करने से मना कर दिया और अलीगढ़ लेकर जाने की कह दिया। अलीगढ़ भेजने के लिए एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई। कोई अन्य वाहन भी नहीं मिला तो उसकी पत्नी अस्पताल के मुख्य गेट के पास ही बैठ गई। महिला को प्रसव ज्यादा हुई तो वहीं झाड़ियों के बीच बेटे को जन्म दिया। इस दृश्य को देख कुछ महिलाओं ने साड़ी की ओटक कर दी। अस्पताल में स्टाफ को इसकी जानकारी हुई तो आनन-फानन में महिला को भर्ती किया गया। तबियत ठीक न होने पर महिला को अलीगढ़ रेफर कर दिया। महिला को जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बबलू का कहना है कि वह मोची का काम करता है। लाकडाउन में उसकी शादी सादाबाद की सुमन के साथ हुई थी। इनपर दो वर्ष की एक बेटी है। उसने अस्पताल के स्टाफ पर पत्नी को भर्ती करने के नाम पर एक हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। इस संबंध में इंटरनेट मीडिया पर वीडियो भी प्रसारित हो रहा है।

चेयरमैन का फोन गया तो आई एंबुलेंस

घटना के बाद महिलाओं ने इगलास की चेयरमैन कमलेश शर्मा से गुहार लगाई और उनको सारी बात बताई। जिसके बाद उनके भतीजे ने सीएचसी अधीक्षक को फोन किया और उन्हें तत्काल कार्रवाई करने को कहा। जिसके बाद महिला के पास एंबुलेंस पहुंची। जब तक सरकारी मदद महिला के पास पहुंची, तब तक उसका बच्चा हो चुका था। इसके बाद महिला को आनन फानन में मोहन लाल गौतम जिला महिला चिकित्सालय में रेफर किया गया। यहां से मेडिकल के लिए रेफर कर दिया।

वर्जन

सभी आरोप निराधार है। गर्भावस्था दौरान महिला चेकअप के लिए एक भी बार अस्पताल नहीं आई। आज उसे स्टाफ नर्स ने चेक भी किया था और बीपी बढ़ा होने व इंफेक्शन होने पर अलीगढ़ रेफर करने के लिए कहा था। स्वजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। एंबूलेंस लेने से भी मना कर दिया था। हालांकि इस मामले में जांच की जा रही है। डा. रोहित भाटी, अधीक्षक, सीएचसी इगलास

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!