कृषि रक्षा इकाई पर गोष्ठी में कृषकों को दी जानकारी
इगलास। कृषि रक्षा इकाई पर गोष्ठी में अधिकतम उत्पादन लेने के लिए बीज व भूमि शोधन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। एडीओपीपी बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि फसल की रोपाई से पूर्व भूमि तथा बीज शोधन पर ध्यान देना चाहिए।
गेहूं के बीज को दो से 2.5 ग्राम कार्वनडाजिम 50 प्रतिशत मिलाकर अथवा चार ग्राम ट्राइकोडरमा दो प्रतिशत मिलाकर बीज शोधन करना चाहिए। भूमि शोधन हेतु एक किलो ट्राइकोडरमा को 30 किलो गोबर की सड़ी हुई खाद में सात से आठ दिन तक छाया में रख कर खाद तैयार करें। इससे हानिकारक फफोथ नष्ट हो जाएगी तथा दीमक से बचाब के लिए व्युवेरिया वेशियना को ट्राइकोडरमा की भांति ही गोबर की खाद में मिला कर खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए उपयोग करें।
पहली जुताई पर एवं व्युवेरिया वेशियना का प्रयोग बुबाई के समय करना चाहिए। राजकीय बीज भंडार पर उपलब्ध बीज की प्रजातियोंं की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर कृषि भंडार प्रभारी आजाद खान, मांगे सिंह, गोविंद, विशाल व मोहित आदि थे।