जलियां वाला बाग हत्याकांड की बरसी मनाई
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था ने गुरुवार को गांव तोछीगढ में जलियां वाला बाग हत्याकांड की बरसी पर उस भीषण हत्याकांड में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को स्मरण करते हुए देश के महान क्रांतिकारियों को नमन किया।
संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि अमृतसर के जलियां वाला बाग में 13 अप्रैल 1919 को रोलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी। उस शांतिपूर्ण सभा में का दमन करने की बदनीयत से अंग्रेज अधिकारी जनरल डायर ने अकारण ही भीड़ पर गोलियां चलवा दी। जिसमें करीब चार सौ से अधिक निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी और दो हजार से अधिक लोग घायल हो गए थे। भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन पर सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला यह एक जघन्य हत्याकांड था। ब्रिटिश इतिहास की यह एक शर्मनाक घटना थी। यह घटना ही भारत में ब्रिटिश शासन के अंत की शुरुआत बनी थी। इस घटना का बदला लेने के लिए ही शहीद ऊधम सिंह ने जनरल डायर को लंदन में जाकर मारा था। इस अवसर पर गुलशन कुमार चौधरी, लकी सिंह, गौरव चौधरी, नरेन्द्र सिंह, भोला सिंह, युग चौधरी, कार्तिक, प्रतीक, सूरज चौधरी, दीपांशु, गोलू राजू, पवित्र शर्मा, प्रवीन वार्ष्णेय, चिंटू, लखन आदि मौजूद रहे।