कलम को हथियार बनाकर अंग्रेजों से लड़ी थी लड़ाई
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ में स्वतंत्रता सेनानी व हिंदी के प्रसिद्ध कवि, लेखक और पत्रकार पद्मश्री माखन लाल चतुर्वेदी की 134वीं जयंती मनाई गई। युवाओं ने उनके साहित्य के प्रति योगदान को स्मरण किया। अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि चतुर्वेदी ने प्राइमरी शिक्षा के बाद घर पर संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी, गुजराती आदि भाषाओं का ज्ञान प्राप्त किया था। अध्यापक की नौकरी छोड़कर पत्रकारिता, साहित्य और राष्ट्रीय आंदोलन के लिए समर्पित हो गए थे। गणेश शंकर विद्यार्थी की तरह अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में कलम को अपना हथियार बनाया था। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार व पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर कुलदीप चौधरी, तेजवीर सिंह, अभिराज, लोकेश कुमार, मयंक, सूरज चौधरी, कपिल, विजय कुमार आदि थे।