एक और बिटिया का अभिभावक बना कन्यादान सुमंगल फाउंडेशन
– गभाना का कन्यादान सुमंगल फाउंडेशन नौ गरीब कन्याओं की करा चुका है शादी
– दसवीं बेटी की शादी में किया सहयोग
गभाना। गंगा, गीता, गायत्री, लक्ष्मी, सरस्वती हैं बेटियां। भारत एक ऐसा देश है जो अपनी संस्कृति, अपने रीति रिवाजों के लिए जाना जाता है। हमारे देश की भी भूमि को ”भारत माता” कहा जाता है। लेकिन आज के बदलते भौतिकबादी युग में भी कुछ लोग बेटियों को बोझ समझते हैं। अपनी छोटी मानसिकता के चलते बेटियों को कोख में ही मार देना उचित समझते हैं। भारत के कुछ पिछड़े राज्य की बात करें तो वहां बेटियों को जन्म लेने से पहले ही मौत की सजा सुना दी जाती है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि मां-बाप बेटी के विवाह की चिंता के चलते एेसा घिनौना कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसे मजबूर मां-बाप की चिंता को देखते हुए अलीगढ़ में सीमा पर तैनात एक जवान ने संस्था का गठन किया है। इस संस्था ने निर्धन व अनाथ कन्याओं के विवाह का जिम्मा उठाया है। संस्था निर्धन कन्या के विवाह की पूरी जिम्मेदारी उठाकर नौ कन्याओं के हाथ पीले करा चुकी हैं।
सेना पर तैनात कैप्टन ने रखी संस्था की नींव
कस्बा गभाना के रहने दुष्यंत सिंह भारतीय सेना में कैप्टन हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती जोधपुर में है। उन्होंने बताया कि 9 दिसंबर 2022 को रौली की एक बेटी की शादी होनी थी। पिता ने बेटी की शादी धूमधाम से कराने के लिए इधर-उधर से पैसा एकत्रित किया, लेकिन इसी बीच उनके पास बिजली का 50 हजार रुपये का बिल आ गया, तभी किसी कारणवश उनकी नौकरी भी छूट गई। पिता ने एफआईआर दर्ज होने के डर से बिजली का बिल जमा कर दिया। पिता की आर्थिक तंगी के चलते बेटी की शादी टूट गई थी। बेटी की शादी टूटने के जानकारी कैप्टन दुष्यंत सिंह को हुई तो उन्हें इस बात ने अंदर से झकझोर दिया। उन्होंने अपने सहयोगियों और परिवारीजनों के सहयोग से उस गरीब बेटी की शादी धूमधाम से कराई। अन्य बेटियों के साथ भी ऐसा न हो, धन के अभाव में किसी भी कन्या की शादी न टूटे ऐसे गरीब, निर्धन परिवारों की बेटियों का घर बसाने के लिए लिए एक संस्था खड़ी करने का संकल्प लिया। अपने साथी 200 से अधिक बार रक्तदान कर चुके रक्तवीर चौधरी अजय सिंह, युवा समाजसेवी हिमांशु माहेश्वरी, प्रवीन शर्मा, अमित गुप्ता, नितिन वर्मा, अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार अमित शर्मा, दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार विवेक शर्मा आदि के सहयोग से कन्यादान सुमंगलम फाउंडेशन का गठन किया। संस्था में 11 प्रमुख सदस्य हैं। वहीं सदस्यों को संख्या अब तक जनपद ही नहीं बल्की पूरे देश से ढाई हजार से अधिक हो गई है। संस्था के जुड़े सभी सदस्य बेटियों की शादी में बढ़-चढ़कर अपना सहयोग कर रहे हैं।
पिता का साया उठने पर अभिभावक बनी संस्था
क्षेत्र के गांव वीरपुरा में एक बेटी की 22 अप्रैल को शादी होनी है। बेटी के ऊपर से पिता का साया उठ चुका है, जबकि मां मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती है। मां ने बेटी की शादी ताे तय कर दी, लेकिन बेटी के हाथ कैसे पीले कर पाएंगी, उन्हें चिंता सताने लगी। इसकी जानकारी संस्था को हुई तो वह बिटिया के अभिभावक बनकर अपना फर्ज निभाने के लिए निकल पड़े। बुधवार को संस्था के अध्यक्ष कैप्टन दुष्यंत सिंह के नेतृत्व सदस्यों ने बेटी के घर पहुंचकर घरेलू प्रयोग में आने वाला व विवाह संबंधी जरूरी सामान पहुंचाया। बेटी के शादी का सामान पाकर मां की आंखें खुशी से छलक उठी। इस अवसर पर फाउंडेशन के अजय चौधरी कुंवर उमेश सिंह,प्रवीन शर्मा, अजय मित्तल, रजत मित्तल, नितिन वर्मा, अमित गोयल, दुर्गेश गोयल, मुकेश गर्ग, ओमवीर सिंह, अनिल गौड, अजीत ठाकुर, मुकेश कुमार सिंह, धर्मेंद्र नादर, लोकेंद्र कश्यप बंटी, रोहित ठाकुर, चेतन गोयल, अंकित सिंह आदि उपस्थित रहे।