ध्रुव चरित्र की कथा का किया मार्मिक वर्णन
इगलास। क्षेत्र के नगला हरकरन्ना स्थित लक्ष्मीदेवी आईटीआई में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में व्यास काष्र्णी गोपालाचार्य महाराज ने ध्रुव चरित्र की कथा का मार्मिक वर्णन किया। इससे पूर्व आचार्यों ने मुख्य यजमान प्रेमपाल शर्मा व गीता देवी से पूजन करवाया। व्यासजी ने कथा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान को पाने के लिए उम्र या धन का होना आवश्यक नहीं है। भक्त ध्रुव ने साढ़े पांच वर्ष की उम्र में ही तपस्या करके श्रीहरि को प्राप्त कर लिया था।
बालक ध्रुव की भक्ति से भगवान ऐसे प्रसन्न हुए कि दर्शन देने नहीं, बल्कि ध्रुव का दर्शन करने के लिए आए। इसलिए मनुष्य को जीवन में हमेशा भगवान का सुमिरन करते रहना चाहिए, क्योंकि इस जीवन का पता नहीं, कौन सा पल आखिरी हो। जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है, वह वैसा ही फल भोगता है। हमें कभी भी रुपये, यौवन, संपत्ति, शक्ति का अभिमान नहीं करना चाहिए। इस अवसर पर अनिल सारस्वत, कुलदीप सारस्वत, रंजना कौशिक, कमलकांत, श्रीकृष्ण सारस्वत, राहुल, सूरजचंद, उमेश पचौरी आदि थे।