चंडौस में चल रही रामलीला में लंका दहन का मंचन देख दर्शक हुए रोमांचित
चंडौस। कस्बा में चल रही रामलीला मंच में शनिवार को कलाकालों ने बाली वध से लंका दहन तक की लाला का मंचन किया, जिसे देखकर दर्शक काफी रोमांचित हो गए। लीला का शुभारंभ मां गायत्री इंस्टीट्यूट के एमडी गणेशदत्त शर्मा की मां सुशीला देवी ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने रामलीला कमेटी को 31 हजार रुपये भेंट किया। रामलीला कमेटी ने उन्हें राम परिवार की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। कलाकारों ने लंका दहन की लीला का सजीव मंचन किया। जिसमें बाली के बध के बाद सुग्रीव का राजगद्दी व अंगद को युवराज बनाया जाता है। सुग्रीव राज पाकर श्री राम को दिए वचन को भूल जाता है। हनुमान जी के स्मरण कराने पर सुग्रीव राम की शरण में जाते हैं। चारों दिशाओं में वानरों की सेना भेजी जाती है। अंगद हनुमान के साथ समुद्र तट पर पहुंचते हैं, हनुमान जी लंका जाते हैं, विभीषण जी से मुलाकात होती है। जो सीता जी का पता बताते हैं। हनुमान जी अशोक वाटिका पहुंचते हैं, और उसे तहस नहस करने लगते हैं। तब मेघनाथ उन्हें पकड़ कर रावण के पास ले जाता है। हनुमान की पूंछ में रावण के निर्देश पर आग लगा दी जाती है। हनुमान जी उछलकूद करते हुए रावण की लंका जला देते हैं। देर रात तक दर्शक लंका दहन की लीला को देखने के लिए डटे रहे। इस मौके पर प्रेम बाबू शर्मा, केशव शर्मा, विन्नु गुप्ता, सुनील शर्मा, पूनम शर्मा, योगेश शर्मा,अमित माहेश्वरी, नरेंद्र सारस्वत, संजय सिसोदिया आदि मौजूद रहे।