ऐसा मां का दरबार जहां एक बार आशीर्वाद लेने से संवर जाएगी जिंदगी
– गुरु पूर्णिमा उत्सव पर होंगे धार्मिक कार्यक्रम
अलीगढ़। महानगर के एटा क्वार्सी बाईपास स्थित सूर्य विहार कॉलोनी स्थित विशाल मंदिर में मां दुर्गा का भव्य दरबार सजा हुआ है। ऐसी मान्यता है कि जो भी माता रानी के दरबार में भाव और भक्ति से यहां आता है, उसका जीवन संवर जाता है। पंडित धर्मेंद्र स्वामी ने माता रानी का भव्य मंदिर का निर्माण कराया है। भक्तों की मां पर असीम कृपा बरसती है। धर्मेंद्र स्वामी के अनुसार तीन जुलाई को माता रानी के दरबार में गुरु पूर्णिमा का उत्सव भी बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर का भव्य श्रृंगार किया जाएगा। शाम को महाआरती और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। भक्तगण मां के दरबार में आकर अर्जी लगा सकते हैं। धर्मेंद्र स्वामी ने कहा कि यह मंदिर कॉलोनी के लोगों के लिए है। इसलिए अधिक संख्या में आकर माता रानी का आशीर्वाद लें और गुरु पूर्णिमा पर व्यास का पूजन करें।
उन्होंने कहा कि हम सबके जीवन में गुरु का विशेष महत्व है। सनातन धर्म में तो गुरु के बिना जीवन ही निरर्थक माना जाता है। इसलिए हमारे जीवन में कोई ना कोई गुरु जरूर होना चाहिए। यदि गुरु नहीं है तो अपने घर के मंदिर या आसपास के मंदिर में जाकर पूजन करें। ब्रह्मा, विष्णु और महेश को अपना सद्गुरु मानकर उनके चरणों में अपना जीवन समर्पित कर दें। प्रार्थना करें, कि हे प्रभु मैं आपको साक्षात गुरु मान रहा हूं। आप मुझे सतमार्ग पर ले जाने का कार्य करें, जिससे हम यह जीवन कृतार्थ कर सकें। धर्मेंद्र स्वामी ने कहा कि गुरु जीवन के उद्देश्य को बताते हैं, जीवन को सफल बनाते हैं। गुरु भवसागर से निकालकर जीवन को तारने का काम करते हैं। भगवान राम ने विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ को अपना गुरु बनाया। भगवान श्रीकृष्ण ने संदीपनी आश्रम में रहकर शिक्षा ग्रहण की और गुरु की सेवा की। गुरु का आशीर्वाद लिया। जब भगवान होकर गुरु से आशीर्वाद ले रहे हैं तो हम सब को क्यों नहीं आशीर्वाद लेना चाहिए ? धर्मेंद्र स्वामी ने कहा कि जीवन को धन्य बनाने के लिए गुरु के शरण में जाना जरूरी है। उन्होंने आषाढ़ पूर्णिमा अर्थात तीन जुलाई को सभी भक्तों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में मंदिर पर आकर पूजन करने की अपील की है । धर्मेंद्र स्वामी ने कहा कि देवी जागरण, शिव विवाह, माता की चौकी, सुंदरकांड, खाटू श्याम, भजन संध्या, बालाजी भजन संध्या, हरि नाम संकीर्तन, सत्यनारायण व्रत कथा आदि के लिए भक्त संपर्क कर सकते हैं।