टीबी-कैंसर मौत की सीढ़ी, बंद करो ये गुटखा-बीड़ी
-परोपकार सामाजिक सेवा संस्था के तत्वावधान में बच्चों ने लोगों को किया जागरूक, - नशा मुक्त समाज की स्थापना का लिया संकल्प
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था के तत्वावधान में गांव तोछीगढ़ में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर विद्यार्थियों ने आजीवन नशाखोरी ना करने और नशाखोरी के प्रति दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली, साथ ही नशाखोरी के खिलाफ जन चेतना यात्रा निकाली।
इस दौरान जन चेतना यात्रा के दौरान नारे लगाकर लोगों को नशाखोरी से होने वाले दुष्प्रभाव व नशे की बुरी आदत को छोड़ने के लिए जागरूक किया।
इस दौरान बच्चे “टीबी-कैंसर मौत की सीढ़ी, बंद करो ये गुटखा-बीड़ी”, “नशा नाश की जड़ है भाई, इसने घर में आग लगाई”,”बीड़ी पीकर खांस रहा है, मौत के आगे नाच रहा है”, ” जिंदगी को ना यूं धुंए में उड़ाओ, होश में आओ-होश में आओ”, “जो तंबाकू को गले लगाएगा, बाप से पहले जायेगा” आदि नारे लगाते हुए लोगों को जागरूक करते हुए चल रहे थे।

संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने इस वर्ष की थीम “हमें भोजन चाहिए तम्बाकू नहीं” के बारे में ग्रामीण युवाओं को बताते हुए कहा कि 31 मई को दुनिया भर में हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य तंबाकू के खतरों और स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में हर साल 70 लाख से अधिक मौतें नशाखोरी के चलते होती है। 1987 से पूरे संसार में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। हर साल यह दिन किसी न किसी थीम के साथ मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि तंबाकु में निकोटिन नामक रसायन की मात्रा सबसे अधिक पायी जाती है। निकोटिन, इंसान को नशे का आदी तो बनाता ही है, साथ ही इसके प्रभाव से मानव शरीर में अनेकों प्रकार की कैंसर जैसी बीमारियों को जन्म लेती है। निकोटिन के प्रभाव के चलते व्यक्ति को भूख, प्यास, दिमाग आदि काम करना बंद कर देता है। इसके चलते धीरे-धीरे व्यक्ति पूर्ण रूप से बिना नशे के जीवित नहीं रह पाता है। यही शौक एक दिन इंसान की मौत का कारण बन जाता है। इस दौरान उन्होंने लोगों को नशा की लत से दूर रहने व नशा मुक्त समाज की स्थापना करने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर ललित कुमार वार्ष्णेय, यश चौधरी, नितिन, डौलू, इसू, अर्जुन, भूपेंद्र, पुष्कर, प्रदीप, विकास, कृष्णा, विष्णु, करन, अभिषेक, जितेंद्र, लखन, प्रियांशु, गोविंद, भानु, अमित, माधव, सूरज, युवराज, विराज, साधना, दीपा आदि मौजूद रहे।