40 सेकेंड तक हिलती रही धरती, अलीगढ़ में महसूस किए गए भूकंप के झटके
अलीगढ़। अलीगढ़ जिले में शुक्रवार रात करीब 11:32 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। तकरीबन 30 से 40 सेंकड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे लोगों में बुरी तरह से खलबली मच गई और लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। इस दौरान वे सुरक्षित स्थानों की ओर भागते हुए नजर आए। अलीगढ़ के अलावा दिल्ली एनसीआर, लखनऊ, पटना में भी तेज झटके महसूस किए गए।
रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 मापी गई। जबकि नेपाल के जाजारकोट के पैक में भूकंप का केंद्र रहा। रात्रि के समय में धरती के हिलने से लोगों में भय देखा गया। लाेग अपने परिजनों के साथ घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए और देर रात तक सड़कों पर ही जमे रहे। उन्हें डर था कि कहीं फिर से भूकंप न आ जाए।
रात्रि में करीब 11:32 बजे अचानक से तेज भूकंप के झटके आने लगे, करीब 40 सेकंड तक लोगों को झटके महसूस हुए। उस समय अधिकांश लोग नींद के आगोश में थे। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग घबरा गए और वह अपने-अपने परिजनों के साथ घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर पहुंच गए। देर रात तक सड़कों पर ही जमे रहे। उन्हें डर सताने लगा कि कहीं दाेबारा से भूकंप के झटके न आने लगें। इस दौरान लोग टीबी पर समाचारों में जानकारी करने के साथ ही अपने करीबी एवं रिश्तेदारों से फोन कर उनकी राजी- खुशी की जानकारी जुटाने लगे।
10 महीने में चार बार हिली धरती
भूकंप के झटके 24 जनवरी, 23 मार्च एवं 03 अक्टूबर को भी 7 मिनट में दो बार महसूस किए गए थे। 03 अक्टूबर की दाेपहर में दोपहर में करीब 2:45 बजे भूकंप का हल्का झटका लोगों को महसूस हुआ, लेकिन करीब 7 मिनट बाद 2:52 पर दूसरा झटका काफी तेजी से आया तो लोगों में भय व्याप्त हो गया। एक माह के बाद चौथी बार धरती हिलने से लोगों में भय व्याप्त हैं।
क्यों आता है भूकंप
भूकंप जमीन के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने और एक-दूसरे पर चढ़ने के कारण आता है। टेक्टोनिक प्लेट वह भूभाग है जो भूमि के अंदर मौजूद लावा पर तैरता है। एक प्लेट जब दूसरे के संपर्क में आती है तो भूकंप के झटके लगते हैं। भारत की बात करें तो भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट के ऊपर चढ़ती है। इसी कारण हिमालय पर्वत का निर्माण हुआ है। हिमालय पर्वत उसके आसपास के क्षेत्र में अक्सर भूकंप के झटके आने का कारण भी इन दोनों प्लेटों का आपस में टकराना है।