राजकीय कृषि एवं औद्योगिकी प्रदर्शनी (नुमाइश) का परंपरागत तरीेके से हुआ भव्य उद्घाटन
- कृष्णांजलि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपूर्ण रामायण के मंचन ने मोहा मन
अलीगढ़। गंगा- जमुनी तहजीब की प्रतीक अलीगढ़ की ऐतिहासिक 144 वीं राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी (नुमाइश ) का गुरुवार को परंपरागत तरीके से शुभारंभ हो गया। कृष्णांजलि मंच पर कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया गया। नन्हें बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। वहीं संपूर्ण रामायण की भाव भक्तिमय मंचन ने मौजूदा लोगों का मन मोह लिया।
जनपद के प्रभारी एवं गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण एवं कर्मकार राज्य परामर्श दात्री समिति के अध्यक्ष रघुराज सिंह समेत तमाम जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मित्तल गेट का फीता काटकर व शांति -सौहर्द्र के प्रतीक कबूतर एवं गुब्बारों को उड़ाकर विधिवत नुमाइश के उद्घाटन की घोषणा की।
अलीगढ़ की नुमाइश का रहा अपना इतिहास – लक्ष्मीनारायण
जनपद के प्रभारी एवं गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि अलीगढ़ की नुमाइश का अपना इतिहास रहा है और यह सांस्कृतिक धरोहर है। इसे जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह की जन्मभुमि एवं कर्मभूमि, मशहूर कवि नीरज जी की धरती को नमन करता हूॅं। इस प्रकार के मेले और विशेषकर नुमाइश अंर्तआत्मा को खुशी देती है, आंतिरक खुशी ही सफलता की निशानी है। इस प्रकार की गतिविधियों से बहुत से नवाचार का सृजन भी होता है। उन्होंने नुमाइश आयोजन के लिए जनपदवासियां को शुभकामनाएं भी दी।
ढोल एवं नगाड़े बजाकर किया अलीगढ़ महोत्सव का आगाज
नुमाइस के उदघाटन में मुख्य अतिथि जनपद के प्रभारी एवं गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कबूतर एवं गुब्बारे उड़ाए। इसके बाद उन्होंने नुमाइश परिसर में भाजपा के कार्यालय पर पं. दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी व मां भारती की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया। पलवल होडल के ब्रजलोक कलाकारों में ढोल की थाप और नगाड़े की आवाज पर अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान मुख्य अतिथि समेत अन्य अतिथियों ने भी ढोल एवं नगाड़े को बजाकर जनपदवासियों के मध्य ’’अलीगढ़ महोत्सव’’ का अागाज किया। किया। इसके पश्चात गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ ही दरबार हॉल पर ध्वजारोहण किया तथा आजादी के सफर में अलीगढ़ के गौरवशाली इतिहास को समेटे हुए चित्र प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। कृष्णांजलि नाट्यशाला में अतिथियों ने माँ सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रंगारंग कार्यक्रमों ने मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। संपूर्ण रामायण मंचन के दौरान दर्शकों ने भगवान राम के अादर्शों का जीवंत प्रदर्शन देखा तो पूरा सभागार भक्ति में डूब गया और श्री राम के जयकारे लगने लगे। बाद में अतिथियों ने नीरज-शहरयार पार्क पहुॅचकर शहीद स्तम्भ पर माल्यार्पण कर शहीदों को नमन किया।

आयोजन में यह रहे मौजूद
कमिश्नर रविन्द्र, आईजी शलभ माथुर, प्रभारी जिलाधिकारी आकांक्षा राना, एसएसपी संजीव सुमन,जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, कोल विधायक अनिल पाराशर, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह, एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह, डा. मानवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर श्री प्रशांत सिंघल, भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, ठा. आरपी सिंह, जिला महामंत्री शिवनारायण शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष देवराज सिंह, श्यौराज सिंह, विवेक सारस्वत, मानव महाजन, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, पूर्व महापौर शकुन्तला भारती, सावित्री वार्ष्णेय संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेन्द्र कुमार, उप कृषि निदेशक यशराज सिंह, जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार जायसवाल, डीपीओ श्रेयश कुमार, डीपीआरओ धनंजय जायसवाल, एडीईओ कौशल कुमार आदि मौजूद रहे।