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पंड़ित रामप्रसाद बिस्मिल को दी श्रद्धांजलि

इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ़ में जंग-ए-आजादी के महानायक काकोरी काण्ड के हीरो मां भारती के सच्चे सपूत महान क्रांतिकारी अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल जी की 126वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में ग्रामीण युवाओं ने देश पर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले बलिदानियों की शौर्य गाथाएं सुनाईं।

संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि बिस्मिल जी महान क्रांतिकारी, वरिष्ठ साहित्यकार, लेखक, शायर, कवि व माॅं भारती के दृढ़ संकल्पित सच्चे सपूत थे। उनकी प्रसिद्ध रचना ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है…’ आज भी भारतवासियों के दिलों में देशप्रेम के भाव जागृत करती है। कवि और शायर राम प्रसाद बिस्मिल की ये पंक्तियाँ बतातीं हैं कि उनके दिल में अंग्रेजों के प्रति कितनी आग थी। पं रामप्रसाद बिस्मिल जी ने मैनपुरी कांड और काकोरी काण्ड को अंजाम दिया था। काकोरी कांड को सफल बनाने में पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह समेत कुल दस क्रांतिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान था।

9 अगस्त, 1925 को काकोरी स्टेशन के पास रेलगाड़ी रोककर उनके साथियों ने गाडी में मौजूद सरकारी खजाना लूट लिया। काकोरी काण्ड के बाद पुलिस ने सबको गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर मुकदमा दायर किया और राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, paroअशफाक उल्ला खाँ तथा ठाकुर रोशन सिंह एक साथ चार व्यक्तियों को फाँसी की सजा सुनाई गयी। शहीद रामप्रसाद बिस्मिल जी को गोरखपुर जेल में, अशफाक उल्ला खां जी को फैजाबाद जेल में तथा क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह को इलाहाबाद जेल में 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई थी। देश की आजादी में काकोरी कांड के शहीदों का अविस्मरणीय योगदान है। इस अवसर पर राहुल सिसौधिया, प्रशांत ठैनुआं, गुड्डू सिंह, निर्मल जीत, अमित ठैनुआं, करन ठैनुआं, सूरज, डब्बू शर्मा, रिषभ प्रताप सिंह, प्रियांशु ठैनुआं, दीपक ठैनुआं आदि मौजूद रहे।

पंजाबी गायब सिद्धू मूसेवाला को दी श्रद्धांजलि

दिवंगत मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की जयंती पर गांव तोछीगढ़ में उनके प्रशंसकों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। जतन चौधरी ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला ने ग्रामीण और किसान संस्कृति को विश्वस्तर पर प्रचारित करने का काम किया था। गायकी में काफी अच्छा कमा लेने के बाद भी वह गांव में ही रहते थे और उन्होंने सदैव ग्रामीण कल्चर को बढ़ावा दिया था। पिछले साल 29 मई को अज्ञात हमलावरों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। सिद्धू एक होनहार और विश्वस्तरीय गायक थे। इस अवसर पर कान्हा, भोला, सचिन, सिद्धार्थ, आर्यन, पवन, विकी, सुमित, रीपू, चीकू, ईसू, अंकित, दीपू आदि मौजूद रहे।

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