महारास लीला के द्वारा हुआ जीवात्मा परमात्मा का मिलन
इगलास। क्षेत्र के गांव मई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन व्यास गोविंदाचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। इस दौरान व्यासपीठ का उदयवीर सिंह पहलवान, भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री धीरज चौधरी आदि ने 51 किलो फूलों की माला व चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया। वहीं मुख्य यजमान ग्राम प्रधान रामकिशन का भी सह पत्नी स्वागत किया गया। व्यास जी ने आगे कथा सुनाते हुए कहा कि अभिमान तथा सुखी रहने की इच्छा प्रक्रिया कहलाती है। वहीं जिसे ना सुखी रहने की इच्छा, बल्कि दूसरों को सुखी रखने की इच्छा को लीला कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने यही लीला बृज भूमिपर की जिससे समस्त गोकुलवासी सुखी और संपन्न थे। उन्होंने तमाम बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उपस्थित श्रोताओं को वात्सल्य प्रेम में सराबोर कर दिया। महाराज की कथा सुनाते हुए कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला के द्वारा ही जीवात्मा परमात्मा का ही मिलन हुआ। इस अवसर पर रघुराज पहलवान, विष्णु, रामविहारी सिंह, विक्रम, जीतू प्रधान, छोटू, भोला, रूपेश, कल्ला पहलवान आदि थे।