नाना साहेब ने किया था स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ़ में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नेतृत्वकर्ता व शिल्पकार क्रांतिकारी नाना साहेब की 201वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। अध्यक्ष जतन चौधरी ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम में नाना साहब ने कानपुर में अंग्रेजों के विरद्ध युद्ध का नेतृत्व किया था। इस युद्ध में कभी क्रांतिकारी जीते तो कभी अंग्रेज। नाना ने महाराणा प्रताप की भांति आजीवन अनेक कष्ट सहे परंतु उन्होंने फिरंगियों के संमुख आत्मसमर्पण नहीं किया। उनका त्याग एवं स्वातंत्र्य, उनकी वीरता और सैनिक योग्यता उन्हें भारतीय इतिहास के एक प्रमुख व्यक्ति के आसन पर बिठा देती है। इस अवसर पर कुलदीप ठैनुआं, गौरव चौधरी, हर्ष ठैनुआं, दीपक चौधरी, प्रियांशु ठैनुआं, रिषभ प्रताप सिंह, आकाश शर्मा, शिखर, विनय, आकाश, साधना, सूरज आदि थे।