चंडौस में पुलिसकर्मी पर युवक को बंधक बनाकर रिश्वत मांगने का आरोप, एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
चंडौस। पुलिस की छवि धूमिल करने वाले एक गंभीर मामले में एसएसपी के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। चंडौस कोतवाली में तैनात रहे हेड मोहर्रिर हरिओम बाबू के खिलाफ एक युवक को अवैध हिरासत में रखने, प्रताड़ित करने और रिश्वत मांगने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गांव ऊमरी निवासी पीड़ित टीटू के अनुसार यह घटना 12 अप्रैल की रात की है, जब वह अपनी कार से गांव रामी नगला में एक बीमार रिश्तेदार का हाल-चाल जानकर घर लौट रहा था। रास्ते में पीआरबी पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर कागजात की जांच शुरू की और बाद में एक दरोगा को मौके पर बुलाकर टीटू को थाने ले आए। पीड़ित का आरोप है कि उसे थाने के पीछे एक कमरे और हवालात में अवैध रूप से बंद रखा गया जहाँ तैनात तत्कालीन हेड मोहर्रिर हरिओम बाबू ने उसे छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। डरे हुए परिजनों ने किसी तरह 25 हजार रुपये भी दे दिए थे, लेकिन एक समाजसेवी के हस्तक्षेप और विरोध के बाद पुलिसकर्मी को वह रकम वापस करनी पड़ी। रिश्वत का खेल नाकाम होने पर पुलिसकर्मी ने पीड़ित की गाड़ी को निशाना बनाया। पीड़ित का दावा है कि उसके पास गाड़ी के सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद हेड मोहर्रिर ने बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए उसकी गाड़ी का 30 हजार रुपये का चालान काटा और उसे सीज कर दिया। न्याय की गुहार लेकर जब पीड़ित एसएसपी नीरज कुमार जादौन के समक्ष पेश हुआ तो मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए गए। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी के निर्देश पर आरोपी हेड मोहर्रिर के खिलाफ बंधक बनाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पुलिसकर्मी को एसएसपी द्वारा पहले ही निलंबित किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।