खैर में भाजपा में गुटबाजी से आम कार्यकर्ता परेशान
खैर। भाजपा की गुटबाजी थमेगी या नया रुख लेगी, ये तो वक्त ही बताएगा। कस्बा में कई वरिष्ठ नेता हैं। जिनके अलग-अलग गुट है। जिसके चलते कस्बा में भाजपा में फैली गुटबाजी को लेकर आम कार्यकर्ता परेशान हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे पार्टी लगातार कमजोर हो रही है। पिछले नगर पालिका के चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। संगठनात्मक ढांचा भी धराशायी है। नेताओं की खेमेबंदी की वजह से नगर पालिका व जिला पंचायत सदस्य व ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव में भी पार्टी को हार का समाना करना पड़ा था, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी जीत मिली थी। इस सब से आहत एक भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता ने प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर गुटबाजी को समाप्त कराने व अन्य पार्टियों से भाजपा में घुसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने की मांग की है। बता दें कि कई महीनों से कस्बा की भाजपा संगठन की राजनीति गुटबाजी चरम पर है। यहां पार्टी कार्यकर्ता दो गुटों में बंटे हुए है। जो एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहते हैं। उससे अधिकारियों व विपक्षियों के हौंसले बुलंद हैं। एक गुट काम करने की कहता है तो दूसरा गुट उस काम में अड़ंगा लगाता है। जिसके चलते क्षेत्र का विकास का पहिया रूक गया है। बाजार में रोजाना सड़क पर जाम लगता है। सड़के टूटी पड़ी हैं। रोड़ पर पानी भर जाता है। गौवंश रोड़ पर घूमने से हादसे हो रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। प्रशासन मनमानी करता है। प्राइमरी स्कूलों की हालत भी जर्जर है स्थानीय नेताओं का कोई वजूद नही रहा है। भाजपाइयों की एकजुटता के नाम एक दूसरे की पीछे धकेलने में जुटे हुए हैं। कस्बा में भाजपा के कार्यकर्ता कम नेता अधिक है। मंगलवार को 16 बूथ अध्यक्ष व सभासद और भाजपा नगर मंडल कमेटी के पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा जिलाध्यक्ष चौ. ऋषिपाल सिंह को भेज दिया। भाजपा नगर अध्यक्ष राजेश शर्मा राजा ने बताया कि कुछ कार्यकर्ताओं को सभासद का टिकट न मिलने से नाराजगी है। एक वार्ड से तीन से चार कार्यकर्ताओं ने पार्टी से सिम्बल के लिए आवेदन किया था। एक वार्ड से एक कार्यकर्ता को सिम्बल दिया गया है। पार्टी का आपसी मामला है। जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।