गलत पता दर्शाया, 45 असलाह के लाइसेंस हुए निरस्त
अपर जिलाधिकारी नगर के न्यायालय ने पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट को आधार बनाकर सुनाया फैसला
अलीगढ़। शस्त्र लाइसेंस लेने वाले लाइसेंस धारकों के नाम, पते का जिला प्रशासन सत्यापन करा रहा है। इसी क्रम में पता चला कि कोतवाली नगर क्षेत्र में 45 लाइसेंस धारक अपने मूल पते पर निवास नहीं कर रहे हैं । पुलिस रिपोर्ट के आधार पर एडीएम सिटी न्यायालय ने सभी लाइसेंस को निरस्त कर दिया है।
एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने बताया कि जिला प्रशासन गलत नाम पते पर लाइसेंस जारी करा देने की शिकायतों को लेकर लाइसेंसी असलाह लेने वाले लाइसेंस धारकों का भौतिक सत्यापन करा रहा है। इस क्रम में कोतवाली नगर पुलिस को भौतिक सत्यापन के दौरान इलाके के 45 लाइसेंस धारक अपने दर्शाए गए पते पर मौजूद नहीं मिले। सबसे मजे की बात है कि इलाके के पार्षद को भी उनके नए ठिकाने का अता पता नहीं था। यहां तक कि पड़ोसियों को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सत्यापन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य मिलने पर पुलिस ने संबंधित सभी 45 लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति की थी। उन्होंने बताया कि निकाय चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए कोतवाली नगर क्षेत्र में पते से गायब रहने वाले ऐसे ही बंदूक-पिस्टल के 45 लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 37 हजार लाइसेंस धारक हैं।इनमें अधिकतर लाइसेंस धारकों पर पिस्टल और रिवाल्वर हैं। निकाय चुनाव से पहले जिला प्रशासन ने नगरीय निकायों में पुलिस को शस्त्र लाइसेंस के सत्यापन के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम क्षेत्र के सभी थाना क्षेत्रों में भी पुलिस ने लाइसेंसों का सत्यापन किया। इसमें शहर के कोतवाली क्षेत्र में काफी चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। मानिक चौक, मामू भांजा समेत थाना क्षेत्र के अन्य इलाकों में तमाम लाइसेंस धारक अपने स्थायी पते तक पर नहीं मिले हैं। पुलिस ने इन क्षेत्रों के पार्षदों से भी संपर्क किया। लेकिन, कोई भी इन लाइसेंस धारकों की जानकारी नहीं दे सका। ऐसे में पुलिस का आंशका है कि इन लोगों के गलत पते पर लाइसेंस बने हुए हैं। इनके खिलाफ रिपोर्ट भेजी गई हैं। जिसके आधार पर ऐसे ही 45 लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है।
