ATS ने संभल से ISIS के 4 आतंकी किए गिरफ्तार, AMU से हैं छात्र, रच रहे थे बड़ी साजिश
डेस्क न्यूज। प्रदेश में लगातार ATS और खुफियां एजेंसियां आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी हुई है। इस क्रम में शनिवार को ATS ने संभल से ISIS से जुड़े चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें लखनऊ कोर्ट में हाजिर किया गया है। ATS के अनुसार यह चारों आतंकी संगठन ISIS से जुड़े हुए हैं और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। आतंकी संगठन के साथ जुड़कर यह चारों देश विरोधी गतिविधियां कर रहे थे और युवाओं को आतंकी गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दे रहे थे।
5 नवंबर को अलीगढ़ से पकड़े थे दो आतंकी
ATS ने 5 नवंबर को अलीगढ़ से दो आर्इएसआईएस एजेंटों को गिरफ्तार किया था। इसमें पुलिस ने आलमबाग भमौला निवासी अब्दुल्ला अर्सलान और मंजूरगढ़ी निवासी माज बिन तारीक को गिरफ्तार किया था। ATS ने इन दोनों को मुंबई में दर्ज हुई एफआर्इआर के बाद गिरफ्तार शाहनवाज और रिजवान के बयान के बाद गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस को इन चारों की जानकारी मिली थी। यह सभी SAMU(Student of Aligarh Muslim University) से जुड़े हैं।
अलीगढ़ से बढ़ा रहे थे नेटवर्क, देश विरोधी गतिविधियों की युवाओं को दे रहे थे ट्रेनिंग
ATS ने मो. नाजिम पुत्र मो. अली निवासी दीपा सराय थाना नखासा (संभल) नवेद सिद्दीकी पुत्र अख्तर मसूद निवासी जाट कालोनी, लास्ट स्ट्रीट (संभल) मो. नोमान पुत्र अब्दुल गफ्फार निवासी कोटला पंजू सराय (संभल) और राकिब इमाम पुत्र इमामुद्दीन अंसारी निवासी अंबरनीम, थाना कोतवाली जनपद भदोही को गिरफ्तार किया है। राकिब इमाम हाल में अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के शम्स अपार्टमेंट, बदरबाग में रह रहा था। पकड़े गए चारों आतंकी अलीगढ़ में रहकर अपना नेटवर्क बढ़ा रहे थे और अपनी विचारधारा वाले युवाओं को साथ जोड़ने का काम कर रहे थे। इसके साथ ही यह युवाओं को देश विरोधी गतविधियों की प्रशिक्षण भी देते थे, जिससे कि समय आने पर यह किसी बड़ी घटनाओं को अंजाम दे सकें।
अलग-अलग बंटे हुए थे चारों के काम
एटीएस के अनुसार अलीगढ़ से पकड़े गए अब्दुल्ला और माज ISIS की बैयत (शपथ) ले चुके थे। इसके पास से आतंकी साहित्य, ISIS के प्रोपेगेंडा से भरी पेन ड्राइव और प्रिंटेड दस्तावेज मिले थे। जिसका यह प्रचार प्रसार कर रहे थे। यह चारों इन दोनों के साथ ही काम कर रहे थे। इन चारों के काम भी अलग-अलग बंटे हुए थे।
मोहम्मद नाजिम – ISIS से जुड़कर काम कर रहा था और एएमयू में संगठन से जुड़े लोगों पर नजर रखता था। यह उनकी गतविधियों को मॉनीटर करने के साथ ही उन्हें आवश्यक निर्देश देता था।
नावेद सिद्दीकी – नावेद संगठन से जुड़ चुके लोगों को आतंकी साहित्य सर्कुरेट करने का काम करता था। उनके माध्यम से यह आतंकी साहित्यों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहा था।
मोहम्मद नोमान – एएमयू और इसके आसपास के क्षेत्र में रहकर काम करता था। यह जेहादी मानसिकता वाले लोगों को चिन्हित कर अपने संगठन से जोड़ने का काम करता था।
राकिब इमाम – राकिब ने एएमयू से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद यह जेहादी मानसिकता वाले होनहार छात्रों को संगठन से जोड़कर उन्हें आतंकी प्रशिक्षण देने का काम कर रहा था।
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