कृष्ण जन्म पर झूमे श्रद्धालु
गभाना। क्षेत्र के गांव भरतरी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे गुरुवार को कथा व्यास राधे तनु शास्त्री ने कहा कि मनुष्य जन्म लेकर भी जो व्यक्ति पाप के अधीन होकर इस भागवत रूपी पुण्यदायिनी कथा का श्रवण नहीं करते हैं तो उनका जीवन बेकार है। जिन लोगों ने इस कथा को सुनकर अपने जीवन में इसकी शिक्षाएं आत्मसात कर ली है तो मानो उन्होंने अपने माता पिता और पत्नी तीनों के ही कुल का उद्धार कर लिया। श्रीमद् भागवत कथा साक्षात भगवान श्री कृष्ण का दर्शन है। यह कथा बड़े भाग्य से सुनने को मिलती है। इसलिए जब भी समय मिले कथा में सुनाए गए प्रसांगों को अपने जीमन में आत्मसात करें। इससे न सिर्फ मन को शांति मिलेगी बल्कि कल्याण भी होगा। उन्होंने कहा कि परिवर्तन इस संसार का नियम है। जिस प्रकार एक वृक्ष से पुराने पत्ते गिरने पर नए पत्तों का जन्म होता है, इसी प्रकार मनुष्य अपना पुराना शरीर त्याग कर नया शरीर धार करता है। कथा के दौरान जैसे ही उन्होंने कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया तो पूरा पांडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे। कृष्ण स्वरूप नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।