गभाना में बेटी की डोली से पहले उठ गया पिता का जनाजा
- हाईवे बाईपास पर अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार की मौत
गभाना। दिल्ली-कानपुर हाईवे बाईपास पर नगला नत्था के पास सोमवार देर शाम हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। अज्ञात वाहन ने साइकिल सवार को टक्कर मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें टोल रिलीफ टीम ने निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
परिवार का सहारा था मृतक
थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर निवासी 43 वर्षीय सगीर अहमद पुत्र शरीफ खां गांव-गांव जाकर चूरन-चटनी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार शाम को करीब 6:00 बजे वह घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रहे किसी अज्ञात वाहन ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सगीर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी साइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। गंभीर रूप से घायल सगीर को टोल रिलीफ टीम ने कस्बे के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
शहनाई की जगह मातम की चीखें गूंजी
सगीर चार बच्चों के पिता थे। बड़ी बेटी महरूम का निकाह 29 सितंबर को अलीगढ़ के मौलाना आजादनगर में तय था। घर में दहेज का सामान खरीदा जा रहा था और शादी की रौनक दिखाई देने लगी थी। लेकिन अचानक हुए हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जिस घर में निकाह की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातमी सन्नाटा पसरा है। बेटी महरूम का रो-रोकर बुरा हाल है। कभी वह फूट-फूटकर रो पड़ती, तो कभी बेहोश हो जाती। मंजर को देख परिजनों व ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि बीते रविवार को ही सगीर खुशी-खुशी बेटी के निकाह की तैयारियों की बातें कर रहे थे। उनके चेहरे की रौनक देखते ही बन रही थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बेटी की डोली उठने से पहले ही पिता का जनाजा उठ गया।