गभाना में मकान का लिंटर भरभरा कर गिरा, बच्ची की मौत, छह घायल
- चेयरमैन गभाना ने घायलों का उपचार कराने की ली पूरी जिम्मेदरी
गभाना। नगर के रामपुर में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जहां कमरे में बैठकर खाना खा रहे एक परिवार के ऊपर अचानक से लिंटर भरभरा कर गिर पड़ा। हादसे में मलबे में दबकर एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। जबकि परिवार के छह लोग घायल हो गए। जिनका उपचार कस्बा के निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
कमरे में बैठकर खाना खा रहे थे परिजन
नगर के लाखा बाजार के ग्रामीण बैंक मार्ग पर रहने वाले रूप किशोर मेहनत मजदूरी करते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनके घर पर निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके चलते वह पिछले एक वर्ष से रामपुर में चंद्रपाल सिंह के घर में परिजनों के साथ किराए पर रहे हैं। बुधवार को रूप किशोर काम पर गए हुए थे। जबकि दोपहर में उनका बेटा विष्णु व अन्य परिजन कमरे में बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान अचानक से कमरे में लिंटर भरभरा कर गिर पड़ा।
ग्रामीणों ने घायलों को मलबे से निकाला बाहर
लिंटर के मलवे में रूप किशोर के बेटा विष्णु, उनकी पत्नी शीला देवी, पुत्र वधु गुंजन, बेटी रजनी, नातिनी कुमकुम, आरोही व विष्णु का साला भोला निवासी भाऊ का नगला थाना मुरसान ( हाथरस) दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। लिंटर गिरने की आवाज व चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए और राहत कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मलवा को हटाकर घायलों को आनन-फानन में उपचार को कस्बा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टरों ने चार वर्षीय आरोही को मृत घोषित कर दिया। जबकि बाकी सभी घायलों का उपचार जारी है।
एसडीएम व तहसीलदार मौके पर पहुंचे
हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीएम विनीत कुमार मिश्रा, तहसीलदार उदयवीर सिंह, इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। एसडीएम ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। वहीं पुलिस ने बच्ची के शव काे पंचनामा की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। वहीं हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका आरोही तीन बहनों में दूसरे नंबर की थी।
चेयरमैन गभाना बने मददगार
हादसे की जानकारी पाकर चेयरमैन कुंवर अभिमन्युराज सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने न सिर्फ पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय देखते हुए अधिकारियों से मुआवजा दिलाने की मांग की, बल्कि अस्पातल में पहुंचकर घायलों के हाल-चाल जानकर उनके समुचित इलाज का पूरा खर्चा स्वंय वहन करने की जिम्मेदारी ली है। इतना ही नहीं उन्होंने लिंटर गिरने से बेघर हुए पीड़ित परिवार को घर का निर्माण पूरा न होने तक अपने निजी मैरिज होम में ठहरने की पूरी व्यवस्था कर दरियादिली दिखाई है। चेयरमैन के इस पुनीत कार्य की लोगों ने जमकर प्रशंसा की है।
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