प्रेमी के साथ रहना चाहती थी प्रेमिका, प्रेमी ने ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या
- गभाना थाना के महरावल गांव का रहने वाला था युवक
न्यूज डेस्क। थाना गभाना क्षेत्र के गांव महरावल के एक युवक ने प्रेमिका के घर छोड़कर उसके साथ रहने की जिद के डर से झांसी में ट्रेन के आगे कूदकर अात्महत्या कर ली। युवक झांसी में रहकर नौकरी करता था। युवक का गांव की ही एक युवती से दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। प्रेमिका के परिजनों ने युवक को फोन कर जेल भिजवाने की धमकी दी थी। जिसके बाद युवक ने डर के चलते आत्मघाती कदम उठा लिया।
गांव की युवती से चल रहा था प्रेम प्रसंग
महरावल गांव निवासी 20 वर्षीय राकेश राजपूत का गांव की ही एक युवती से दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। करीब एक माह पूर्व राकेश काम करने के लिए झांसी चला गया। जहां पर वह थाना प्रेमनगर के गांव बिजौली में दोस्तों के साथ रहकर ठेकेदार के रेलवे सिग्नल से जुड़ा काम करता था। साथी नीरज के अनुसार राकेश फोन पर अपनी प्रेमिका से बात करता था। प्रेमिका घर से भागकर उसके साथ झांसी रहना चाहती थी। जिसको लेकर वह परेशान था। वह नहीं चाहता था कि प्रेमिका घर छोड़कर उसके साथ रहे, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी।
रात भर प्रेमिका से फोन पर बात करते हुए रोता रहा राकेश
नीरज ने बताया कि राकेश मंगलवार रात को छत पर रातभर प्रेमिका से बात करता रहा और रोता रहा। युवती के घरवालों को उसके भागने की भनक लग गई थी। जिसको लेकर युवती के परिजनों ने राकेश फोन करके जेल भिजवाने के लिए धमकाया था। राकेश युवती को घर से न भागने के लिए समझाता रहा, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। जैसे-ंतैसे करके दोस्तों ने राकेश को समझाबुझाकर सुला दिया था।
कमरे पर बैग में फोन छुपाकर चला गया
दोस्तों ने बताया कि सुबह राकेश को जगाया और चाय बनाने के लिए कहा, वह बिना चाय बनाए ही घर से निकल गया। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तो उसके मोबाइल फोन पर कॉल की तो उसका फोन की घंटी कमरे में रखे बैग में ही बजने लगी। जिस पर उन्हें शक हुआ और गांव में उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। बाद में एक युवक का शव रेलवे लाइन पर पड़ा होने की जानकारी मिली। जिस पर उन्होंने मौके पर पहुंचकर राकेश के रूप में शिनाख्त कर ली। जानकारी मिली कि युवती भी भागकर अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई थी, जहां से उसके परिजन पकड़कर घर ले गए।
तीन-भाई बहनों में सबसे बड़ा था राकेश
घटना की सूचना पाकर पिता नेहरू राजपूत, चाचा शिशुपाल समेत अन्य परिजन भी गुरुवार को झांसी पहुंच गए। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। राकेश तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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