गोपाष्टमी पर्व पर गो पूजन व प्रसाद का हुआ वितरण
अलीगढ़। गोपाष्टमी पर्व पर सोमवार को महानगर के दुबे के पड़ाव सब्जी मंडी स्थित गाय माता का पूजन कर हरा चारा, गुड़ व चना खिलाया गया। इस दौरान आचार्य यश भारद्वाज ने बताया कि गोमाता में 64 करोड़ देवी देवताओं का वास होता है। गो माता को धरती पर सबसे बड़ा वैद्यराज माना जाता है।इसके गौमूत्र के सेवन से कैंसर, मधुमेय विभिन्न बीमारियों का नाश होता है।
शुद्ध भारतीय नस्ल की गाय की रीढ़ में सूर्यकेतु नाम की एक विशेष नाढ़ी होती है जब इस नाढ़ी पर सूर्य की किरणे पड़ती हैं तो स्वर्ण के सूक्ष्म काणों का निर्माण करती हैं , इसीलिए गाय के दूध, मक्खन और घी में पीलापन रहता है, यही पीलापन अमृत कहलाता है और मानव शरीर में उपस्थित विष को बेअसर करता है।
कार्तिक शुक्ल अष्टमी की तिथि को ‘गोपाष्टमी’ कहते है। यह गौ-पूजन का विशेष पर्व है। इस दिन प्रात:काल गायों को स्नान कराके गंध-पुष्पादि से उनका पूजन किया जाता है। इस दिन गायों को गोग्रास देकर उनकी परिक्रमा करें।भारतीय संस्कृति में गो माता की सेवा सबसे उत्तम सेवा मानी गयी है। भगवान श्री कृष्ण भी गो सेवा को सबसे प्रिय मानते हैं।
मीडिया प्रभारी ललित वार्ष्णेय ने बताया कि गोपाष्टमी के अवसर पर दुबे के पड़ाव सब्जी मंडी मार्केट में कढ़ी- चावल का वितरण किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन में भोले शंकर वार्ष्णेय, कुसम लता, नितिन गुप्ता लकी सेठी, संजीव मित्तल, उत्तम मित्तल, नवीन वार्ष्णेय, गौरव वार्ष्णेय, भरत राज गुप्ता, संदीप सोनवानी, गोविंद वार्ष्णेय, लकी वार्ष्णेय दूध, गौरव वार्ष्णेय बालाजी, विनय दिवाकर, हिमांशी वार्ष्णेय आदि का सहयोग रहा।