कथा भक्ति रस के सागर तक ले जाती है : प्रेममूर्ति पूज्य दीपक महाराज
अलीगढ़। प्रेममूर्ति पूज्य दीपक जी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कथा भक्ति रस की बारिश करती है, जिससे मन में तमाम व्याधियां समाप्त हो जाती हैं। आज समाज में तेजी से बदलाव आ रहा है। लोग अपनी संस्कृति और संस्कार को भूलते जा रहे हैं, हम यदि कथा सुनेंगे तो अपने संस्कृत को कभी नहीं भूलेंगे। पूज्य महाराज जी कलश यात्रा में शामिल हुए। मुख्य यजमान कुंवर रमेश चंद्र सिंह पत्नी सुशीला सिंह, वीरेंद्र सिंह सपत्नी कथा व्यास का पूजन किया। इसके बाद कलश यात्रा प्रारंभ हुई। शिवलोक सूर्य विहार कालोनी स्थिति मां दुर्गा मंदिर से कलश यात्रा नगर भ्रमण को निकली। भक्ति रस में मुस्कान और प्रज्ञा ने जमकर नृत्य किया।

नगर में कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। फूलों की बारिश से स्वागत किया गया। भक्तगण जमकर झूमे। आचार्य सुमित ने हवन पूजन कराया। कथा व्यास ने कहा कि प्रभु राम की कथा के लिए हमें समय निकालना चाहिए। हम दुनिया के तमाम जंजालों में फंसे रहते हैं और कथा के लिए समय नहीं निकालते हैं। यह जीवन चक्र है इसमें यदि फंसे रहेंगे तो जीवन का कल्याण नहीं हो सकेगा।

जीवन के कल्याण के लिए प्रभु राम की कथा सुननी जरूरी है। यही जीवन को धन्य बनाएगी। कथा में श्रद्धालुओं का अपार सैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास ने भजन सुनाया तो भक्तगण झूम उठे। आचार्य सुमित ने भी सुंदर सुंदर भजन सुनाए। उप सभापति डाक्टर मुकेश शर्मा, बंटी जादौन, बंटी यादव, भगवान स्वरूप आदि मौजूद थे।