राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केशव शाखा के वार्षिकोत्सव में राष्ट्रवाद की गूंज
गभाना। नगर के शारदा मैरिज होम में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केशव शाखा वार्षिकोत्सव का आयोजन हुआ। जिसमें स्वयंसेवकों को पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। 
कार्यक्रम का ध्वज प्रणाम व एकल गीत के साथ शुभारंभ हुआ। इस दौरान मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक हरिगढ़ गोविंद ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति एवं व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला है। देशभक्ति और अनुशासन वर्तमान समय में समाज की आवश्यकता है। एकता के सूत्र में संपूर्ण मानव समाज को पिरोए बिना देश को भव्य एवं दिव्य नहीं बनाया जा सकता है। संघ का प्रमुख उद्देश्य समाज सेवा व राष्ट्र सेवा करना है। उन्होंने बताया कि साल 1897 में रानी विक्टोरिया के राज्यारोहण के महोत्सव के निमित्त स्कूल में बांटी गई मिठाई 8 साल के केशव ने मिठाई ना खाकर कूड़े में फेंक दी, मित्रों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए पूछा कि केशव मिठाई क्यों फेंक दी तब उस बालक का उत्तर था यह मिठाई यह रानी विक्टोरिया के राज्यारोहण के प्रसन्नता में है इसमें हम भारतीय किस प्रकार से प्रसन्न हो सकते हैं। यह अंग्रेजों के प्रति उनका पहला प्रतिकार था। बाल्यकाल से ही उनके मन में भारत की तरफ कुदृष्टि रखने वाले विदेशी ताकतों के प्रति विरोध करने की भावना थी। 1907 में रिस्ले सेक्युलर नाम से वंदे मातरम के सार्वजनिक उद्घोष पर पाबंदी का अन्यायपूर्ण आदेश घोषित किया गया। उसके विरोध में केशव ने अपने विद्यालय में अंग्रेज निरीक्षक के सामने अपनी कक्षा के सभी विद्यार्थियों द्वारा वंदे मातरम का उद्घोष करवाया। प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों से पूछा कि यह किसकी शरारत है जब किसी विद्यार्थी ने केशव का नाम नहीं बताया तो यह फैसला किया गया कि विद्यालय बंद कर दिया जाए। तब केशव ने यह सोच कर कि सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई रुक जाएगी स्वयं आ करके बताया कि है मेरे कहने पर किया गया। तब केशव से माफी मांगने के लिए दबाव बनाया गया माफी मांगने से इनकार करने पर बालक केशव को स्कूल से निष्काषित कर दिया गया।
उन्होंने मौजूदा अभिभावकों से राष्ट्र व समाजहित में बच्चों को नियमित शाखा भेजने का अाह्वान किया। सह जिला संघ चालक नीरज गुप्ता ने कहा कि संघ को समझना है तो केवल शाखा में आने पर ही जाना जा सकता है। संघ ने हमेशा संपूर्ण हिंदू समाज को जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने वार्षिकोत्सव का महत्व के बारे में बताया कि जब िाकोई बच्चा स्कूल में पड़ता है और साल के अंत में परीक्षा देता है और परीक्षा परिणाम आता है, तब पता चलता है कि उसने क्या सीखा, क्या पढ़ा। इसी तरह शाखा का वार्षिकोत्सव होता है, जिसे पूरा समाज देखता है और देश सेवा की प्रेरणा लेता है। नगर संघ चालक अनिल सारस्वत ने कहा कि संघ का स्वयंसेवक कभी विचलित नहीं होता। विषम परिस्थितियों में भी वह अपने कर्तव्य और दायित्व को भली भांति निभाते हुए राष्ट्र कार्य के लिए समर्पित रहता है। इस दौरान बाल स्वयंसेवकों ने शारीरिक, व्यायाम, नियुद्ध, दंड योग कलाओं का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भुवनेश कुमार सिंह, देवकीनंदन पांडे, शिवकांत रावत, कुवंर अभिमन्युराज सिंह, विजय कुमार सिंह, अनिल प्रधान, कन्हैया, कुश कुमार, राजकुमार डिस, जितेंद्र सिंह पम्मी, चौ. मनवीर सिह, दुर्गपाल सिंह, विपिन कुमार सिंह, सुरेश शर्मा, प्रेमपाल सिंह, मुकेश कश्यप, हिमांशु माहेश्वरी, हरीश माहेश्वरी, महेश शर्मा, कुलदीप शर्मा, उमाकांत रावत, निखिल, अभय, त्रिवेश, आयुष, उत्कर्ष, सौर्य, श्रेष्ठ, प्रखर, हर्ष, लव, केंद्रपाल, अनमोल, वंश, देववृत चौहान, मुनेंद्र सिंह, चेतन स्वरूव सिंह आदि मौजूद रहे।