प्रभु श्रीराम के विवाह में गूंजे मंगलगीत, देवताओं ने किया पुष्पवर्षा

अलीगढ़। शिवलोक सूर्य विहार कालोनी में कथा व्यास दीपक महाराज ने राम विवाह का सुंदर वर्णन किया। विवाह उत्सव में सीताजी की सखियों ने मगलगीत गाए गए।
कथा व्यास ने कहा कि प्रभु श्रीराम को विश्वामित्र जनकपुरी लेकर पहुंचते हैं। यहां प्रभु राम और उनके अनुज की मोहनी सूरत देखकर पूरी जनकपुरी निहाल हो उठी। हर कोई प्रभु की सूरत को निहारने के लिए आतुर हो उठा। प्रभु अपने गुरु विश्वामित्र के साथ स्वयंवर में पहुंचते हैं। यहां देश विदेश के बहुत बड़े बड़े भूपत आए, सभी ने शिव धनुष तोड़ने की कोशिश की मगर कोई शिव धनुष नहीं तोड़ पाया।

अंत में प्रभु श्रीराम ने गुरु की आज्ञा पाकर शिव धनुष को तोड़ दिया। चारों दिशाओं में प्रभु श्रीराम की जय जयकार होने लगी। माता जानकी ने प्रभु राम की वरमाला पहनाई। राजा जनक और माता सुनैना भी प्रसन्न हो गईं। वर वधु को सभी बधाई देने लगे। कथा में विवाह गीत पर मुस्कान, प्रज्ञा आदि बच्चियों ने गीत सुनाया। साध्वी पुनीता चेतन ने कहा कि धर्म का कार्य इसी प्रकार मिलजुल कर करना चाहिए। कथा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता ठाकुर शयौराज सिंह, ब्रज क्षेत्र के मंत्री इंजीनियर राजीव शर्मा, डाक्टर जीके सिंह, अविनाश सिंह, उप सभापति डाक्टर मुकेश सिंह, अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह, मुनीश सिंह, प्रदीप, ऋषभ ने व्यास पूजन किया। कथा में बंटी जादौन, बंटी यादव, भगवान स्वरूप आदि आरती में शामिल हुए।
