अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर हुई गोष्ठी
इगलास। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा मोहन लाल मधुर विद्यालय में विचार गोष्ठी हुई। विद्यार्थियों ने हिंदी के उत्थान हेतु संकल्प लिया। छात्रा पूजा शर्मा ने कहा कि मातृभाषा संस्कारों की संवाहक है। मातृभाषा के बिना किसी भी देश की संस्कृति की कल्पना बेमानी है। छात्रा तुलसी ने बताया कि विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष 21 फरवरी को यह दिवस मनाया जाता है। अध्यक्ष जतन चौधरी ने बताया कि मातृ भाषा आत्मा की आवाज होती है और देश को माला की लड़ियों की तरह पिरोती है। बालक की प्राथमिक शिक्षा मातृ भाषा में ही करानी चाहिए। आज सभी को मातृभाषा एवं राष्ट्रभाषा हिंदी के समग्र विकास हेतु संकल्पित होना चाहिए। इस अवसर पर प्रबंधक वीरेंद्र सिंह मधुर, कामिनी उपाध्याय, हिमानी, निकेता, विनीता, राखी, लता, प्रिंसी, आरती, प्रियांशी, हेमंत, सोनू, दीपक, नवीन, अमित, हर्ष, विकास, कृष्णा, शौर्य, जतिन, मनोज कुमार, राजपाल सिंह आदि थे।