जागरूकता ही उपभोक्ता को सशक्त बनाती है
अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-3 द्वारा ‘उपभोक्ता जागरूकता’ विषय पर एक विशेष अभियान का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आम जनमानस को उनके कानूनी अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग करना था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रो. सिद्धार्थ जैन ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि उपभोक्ता की जागरूकता ही वास्तव में उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि जब एक व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति सचेत होता है, तभी वह शोषण के विरुद्ध आवाज उठा सकता है और बाजार की विसंगतियों से खुद को सुरक्षित रख सकता है।
वर्तमान समय में बढ़ती तकनीकी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए प्रो. जैन ने ऑनलाइन धोखाधड़ी (साइबर फ्रॉड) के खतरों से आगाह किया और डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही जानकारी और सतर्कता के माध्यम से ही उपभोक्ता सशक्त बन सकते हैं। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने गहरी रुचि दिखाते हुए साइबर सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े अनेक ज्वलंत प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने व्यावहारिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी ने इस तरह के आयोजनों को सामाजिक विकास के लिए अपरिहार्य बताया और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता अभियानों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।