हादसे में सैनिक की गई जान, राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
खैर। क्षेत्र में सोफा नहर के पास एक सप्ताह पूर्व घायल हुए सैनिक ने मंगलवार को दिल्ली में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गांव में शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। सैनिक को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
बता दें कि मोहसनपुर नरायणपुर गांव निवासी 32 वर्षीय कुलदीप बाल्यान आर्मी में 2010 में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती सिक्किम में थी। वह पिछले दिनों छुट्टी पर गांव आए हुए थे। बीती बुधवार की देर शाम को वह बाइक से सोफा नहर पर कुछ घरेलू सामान लेने के लिए गए थे।
जहां पर किसी वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी। घायल फौजी को परिजनों ने उपचार को दिल्ली के आरआर हॉस्पीटल में भर्ती करा था। जहां पर मंगलवार को उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। देर शाम को सैनिक का पार्थिव शरीर आते ही गांव में कोहराम मच गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हो गया। सैनिक की मौत की जानकारी पर आस-पास के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सैन्य टुकड़ी के सैनिकों ने पहुंचकर राजकीय सम्मान के साथ पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं सलामी शस्त्र के साथ ही शोक धुन बजाकर सैनिक को सलामी दी। बेटा वंश ने पिता को मुखग्नि देकर आखिरी बार सल्यूट किया। जिसे देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। सैनिक दो भाई व एक बहन में सबसे छोटे थे। उन्होंने अपने पीछे पत्नी साक्षी व बेटे अंश, वंश को रोते बिलखते हुए छोड़ा है।
अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के न पहुंचने पर रोष
सेना के जवान कुलदीप बाल्यान का हादसे में निधन हो जाने के बाद गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जिले व तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि सैनिक के निधन के बाद भी कोई अधिकारी व जनप्रतिनिधि का अंतिम संस्कार में शामिल न होना दुख की बात है।