एसएसपी ने साधु आश्रम चौकी पर तैनात कर्मचारियों को किया लाइन हाजिर
- थाना हरदुआगंज के साधु आश्रम पुलिस चौकी क्षेत्र में छात्रों के अपहरण और बंधक बनाकर पीटने और लूटने के मामले में की कार्रवाई, एसपी देहात को सौंपी जांच
अलीगढ़। थाना हरदुआगंज क्षेत्र के साधु आश्रम स्थित बंद पड़े ईट भट्टे में दो युवकों को अपहरण कर एवं बंधक बनाकर बेल्टों से पीटने और लूटने के मामले में एसएसपी ने शुक्रवार देर रात बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने पूरे प्रकरण में साधु आश्रम पुलिस चौकी पर तैनात स्टाफ की संदिग्ध भूमिका एवं लापरवाही को लेकर सभी को लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी ने सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश जारी किए हैं।
यह था घटनाक्रम
थाना हरदुआगंज क्षेत्र के साधुआश्रम के निकट एक बंद भट्टे में दो युवकों को बांधकर बेल्टों से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। घटना एक माह पहले की बताई जा रही है। पीड़ित छात्रों एवं उनके परिजनों का आरोप है कि 26 जुलाई को वायरल वीडियो सहित थाने में तहरीर देने के बाद भी हरदुआगंज पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। थाना क्षेत्र के बड़ागांव उखलाना निवासी पीड़ित युवक भवानी प्रसाद ने बताया कि 30 जून को वह गांव के ही पिंटू चौहान के साथ साधुआश्रम चौराहे पर इंतजार कर रहे गांव खुर्द खेड़ा के प्रतुल पंडित के साथ आईटीआई में दाखिला की फीस जमा कराने जा रहे थे। आरोप है कि जैसे ही साधुआश्रम के निकट भट्टे के पास पहुंचे तभी वहां पहले से ही खड़े गोविंद देव एवं जितेंद्र उन्हें जबरन बंद पड़े ईट भट्टे भ में खींच ले गए और रुपये छीनने लगे।विरोध पर दोनों को बांधकर बेल्टों से पीटा और आठ हजार रुपये लेकर भाग गए। आरोप है कि इस मामले में पुलिस चौकी और थाने में तहरीर दी गई इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
27 दिन बाद मारपीट का वीडियो हुआ वायरल
बंधक बनाकर मारपीट और लूटपाट करने के मामले में पीड़ितों की शिकायत करने पर आरोपियों ने मारपीट के दौरान मोबाइल फोन से बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर करीब 27 दिन बाद वायरल कर दिया। पीड़ित पक्ष ने 27 जुलाई को फिर से थाने में गुहार लगाई लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ कर एवं मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
पुलिस कर्मियों की लापरवाही हुई उजागर
पूरे घटनाक्रम में इलाका पुलिस की भूमिका संदिग्ध मिली और पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी उजागर हुई। मामले का संज्ञान लेते हुए एसएसपी कलानिधि नैथानी ने साधु आश्रम चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक चरण सिंह नागर, सिपाही टेकन सिंह, अशोक नेहरा
को प्रथम दृष्टया दोषी एवं लापरवाह मानते हुए तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी ने पूरे प्रकरण में विभागीय जांच एवं कार्रवाई का जिम्मा एसपी देहात पलाश बंसल को सौंपा है।