तालाब पर मिट्टी लेने गई तीन महिलाएं ढाय खिसकने से गड्ढे में दबी, जेसीबी की मदद से बचाई जान
खैर। क्षेत्र के गांव नगोला में रविवार को तालाब से मिट्टी लेने गई तीन महिलाएं ढाय खिसकने दब गई। महिलाओं की चीखने की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम करने वाले किसान और अन्य लोग तत्काल वहां पहुंचे। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत थाना पुलिस को दी और महिलाओं को निकालने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फिर जेसीबी की मदद से महिलाओं को निकाला गया। महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
10-12 फुट गड्डे में जा दबी महिलाएं
गांव नगोला के प्रधान तोताराम ने बताया कि गांव के पोखर में लगभग 10-12 फिट लंबा गड्ढा है। गांव के लोग इसमें से अपनी जरूरत के लिए चिकनी मिट्टी निकाल लेते हैं। रविवार को भी गांव की उर्मिला, गीता और भावना पोखर से मिट्टी निकालने के लिए गई थी। तीनों महिलाएं पोखर के नीचे उतरकर मिट्टी खोद रही थी। इस दौरान अचानक से ढाय गिर गई और महिलाएं मिट्टी के नीचे दब गई। उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह भी तुरंत मौके पर पहुंच गए और पुलिस को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद महिलाओं को बाहर निकाला गया है।
जेसीबी की मदद से निकाला जा सका बाहर
घटना के बाद तीनों महिलाएं लगभग एक घंटे तक मिट्टी के नीचे दबी रही। महिलाओं की चीख पुकार सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और मिट्टी के नीचे दबी महिलाओं को बाहर निकालने की कोशिश करते रहे। गढ्ढा काफी गहरा होने के कारण वह उन्हें बाहर नहीं निकाल पा रहे थे।
मौके पर जब पुलिस पहुंची तो टीम ने तत्काल जेसीबी को बुलाया। जेसीबी आने के बाद तेजी से मिट्टी को निकाला गया, जिसके बाद महिलाओं को बाहर निकाला जा सका। मिट्टी में दबने के कारण महिलाएं बेसुध हो गई थी। जिन्हें तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। सीओ खैर राजीव द्विवेदी ने बताया कि तालाब की ढ़ाय गिरने के कारण महिलाएं मिट्टी के नीचे दब गर्इ थी। जेसीबी बुलाकर तत्काल महिलाओं को बाहर निकाला गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीनों घायलों को तत्काल उपचार मिला है और उनकी हालत अब खतरे के बाहर है।