स्थानीय लोगों से टोल वसूली को लेकर ग्रामीणों ने किया जमकर हंगामा
- टोल प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की दूसरी वार्ता भी रही विफल, गुरुवार को फिर होगी वार्ता
गभाना। स्थानीय लोगों से जबरन टोल बसूलने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। निर्धारित समय देने के बाद भी टोल प्रबंधन के अधिकारियों के न पहुंचने पर गुस्साएं ग्रामीणों ने करीब 15 मिनट तक टोल को फ्री करा दिया। वार्ता के दौरान ग्रामीणों व टोलकर्मियों में नौंक-झौंक व हाथापाई हो गई। इलाका पुलिस को स्थिति को संभालने के लिए हल्काबल का प्रयोग करना पड़ा। जिसके बाद भीड़ इधर-उधर हो सकी। स्थानीय लोगों व टोल प्रबंधन के बीच एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में हुई वार्ता में कोई भी समाधान नहीं निकल सका। जिस पर टोल प्रबंधन ने गुरुवार को पुन: बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया, जिस पर ग्रामीण समाधान न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए लौट गए।
सात किलोमीटर दायरा के लिए नहीं था कोई शुल्क
टोल प्लाजा से सात किलोमीटर के दायरे में आने वाले ग्रामीणों के लिए टोल प्रबंधन की ओर से नि:शुल्क फास्टेग की सुविधा उपलब्ध करा रखी थी। जबकि बीस किलोमीटर के दायरे में आने वाले लोगों के लिए 340 रुपये का मासिक पास की व्यवस्था कर रखी हैं। पिछले दिनों टोल प्रबंधन ने सात किलोमीटर दायरे में आने वाले वाहन चालकों की नि:शुल्क फास्टेग की सुविधा को बंद कर मासिक पास लागू कर दिया है। जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त हैं। टोल प्रबंधन की हटधर्मिता के चलते स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दो दिन पूर्व ग्रामीणों ने किया था प्रदर्शन
दो दिन पूर्व शुक्रवार को दर्जनों वाहन चालक व ग्रामीण एकत्रित होकर टोल प्लाजा पर पहुंच गए थे। उन्होंने टोल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में भी टोल प्लाजा से स्थानीय लोगों को आधार कार्ड व अन्य आईडी कार्ड से निकाला जाता रहा है। फास्टेग की सुविधा शुरू होने के बाद भी स्थानीय ग्रामीणों को नि:शुल्क सुविधाएं दी जाती रही हैं। जबकि एक सप्ताह से टोल प्रबंधन ने अपना तानाशाही रवैया अपनाते हुए बिना किसी सूचना के स्थानीय लोगों टोल बसूलना शुरू कर दिया है। उनका आरोप था कि टोल कर्मियों से वार्ता करने पर वह कोई भी संतोषजनक जबाब नहीं देते, बल्कि अभद्रता पर उतारू हो जाते है। मामले की जानकारी पर चेयरमैन अभिमन्युराज सिंह व इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने पहुंचकर गुस्साएं ग्रामीणों को समझा कर टोल मैनेजर दिनेश कुमार से वार्ता की थी। जिस पर टोल मैनेजर ने टोल प्रबंधन के उच्चाधिकारियों के साथ सोमवार को बैठक कराकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था।
भाकियू व सामाजिक संगठन हुए शामिल
टोल प्रबंधन द्वारा बैठक निर्धारित करने पर सोमवार को चेयरमैन अभिमन्युराज सिंह, भाकियू भानू गुट के युवा जिलाध्यक्ष कृष्णा ठाकुर, भाकियू एकता शक्ति के मुनेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में सैंकड़ो कार्यकर्ता व स्थानीय ग्रामीण एकत्रित होकर टोल प्लाजा पर वार्ता करने को पहुंच गए। इस दौरान वह टोल प्रबंधन के उच्चाधिकारियों का शांति पूर्वक तरीके से बैठकर इंतजार करने लगे। लेकिन 12 बजे तक टोल प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति ग्रामीणों से वार्ता करने नहीं पहुंचा। जो पहुंचे भी तो वह ग्रामीणों को कोई भी संतोषजनक जबाब नहीं दे सके।
15 मिनट रहा टोल फ्री
भीषण गर्मी में काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब कोई टोल प्रबंधन से जुड़ा अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को सुनने नहीं पहुंचा तो मौजूदा लोगाें में गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने टोल बूथों पर पहुंचकर बूम को हटाकर टोल फ्री करा दिया। हालांकि मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर टोल से हटा दिया। इस दौरान करीब 15 मिनट तक टोल फ्री रहा।
वार्ता के दौरान बिगड़ी बात, हुई हाथापाई
चेयरमैन अभिमन्युराज सिंह, भाकियू के नेता व अन्य ग्रामीण टोल प्रबंधन के अधिकारियों से समस्या का समाधान कराने व पूर्व की भांति स्थानीय लोगों को नि:शुल्क वाहनों को निकालने की वार्ता करने लगे। इसी बीच ग्रामीणों व टोलकर्मियों में धक्का-मुक्की व हाथापाई हो गई। हालांकि वहां मौजूद सभ्रांत लोगों ने ग्रामीणों व टाेलकर्मियों के बीच में आकर मामले को शांत कराया। स्थानीय ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए पुलिस को हल्काबल का प्रयोग कर भीड़ को इधर-उधर कराया।
घंटों वार्ता के बाद भी नहीं हुआ समाधान, गुरुवार को फिर होगी वार्ता
ग्रामीणों के हंमागा की सूचना पाकर एसडीएम विनीत मिश्रा, सीओ रंजन कुमार शर्मा भी टोल प्लाजा पर पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों व टोल प्रबंधन के बीच अधिकारियों की मौजूदगी में कई घंटे वार्ता चलती रही, लेकिन स्थानीय लोगों की समस्या का कोई भी समाधान नहीं निकल सका। जिस पर टोल प्रबंधन के अधिकारियों ने गुरुवार को फिर से बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। जिस पर ग्रामीण गुरुवार को भी समाधान न निकलने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए लौट गए।