रॉयल स्टार न्यूज : अलीगढ़ और गभाना क्षेत्र से इस समय की प्रमुख खबरें...

गभाना में आज मतदाता करेंगे दिग्गजों की प्रतिष्ठा का फैसला

जिलेभर की सबसे कांटे वाली सीट पर लगी हैं सभी की निगाहें

गभाना। अलीगढ़ जनपद ही नहीं प्रदेश में अपनी एक अलग पहचान रखने वाली गभाना नगर पंचायत में आज (गुरुवार) को बेहद प्रतिष्ठापूर्ण बन चुके चुनाव में मतदाता अपने पहले चेयरमैन का चुनाव करेंगे। नगर पंचायत घोषित होने के बाद गभाना में पहली बार चेयरमैन एवं सदस्य पद के लिए चुनाव हो रहा है। चुनाव में बरौली के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री ठाकुर दलबीर सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। चुनावी मैदान में इस बार उन्होंने अपनी पुत्रवधु एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख रहीं पुष्पलता सिंह को मैदान में उतारा है। उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। खुद पूर्व विधायक ठाकुर दलबीर सिंह अस्वस्थ होने के बाद भी पुत्रवधू के चुनाव में प्रचार में जुटे रहे हैं। उन्होंने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पुष्पलता सिंह को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे गभाना राजघराने से राजा कुंवर अभिमन्यु राज सिंह से कड़ी टक्कर मिल रही है। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पुष्पलता सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी कुंवर अभिमन्युराज सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी सुधा शर्मा, बसपा के प्रत्याशी रवेंद्र सिंह, आम आदमी पार्टी के अनिल शर्मा, निर्दलीय प्रत्याशी विशाल शर्मा उर्फ रामू पंडित एवं निर्दलीय प्रत्याशी दलवीर सिंह समेत नौ प्रत्याशी आमने-सामने हैं। इनके बीच में बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। नामांकन के बाद ही चुनाव प्रचार में सभी प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने और उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। नगर निगम समेत 18 निकायों में यह सीट बेहद प्रतिष्ठापूर्ण बन चुकी है। इस कांटेदार मुकाबले पर जिले के साथ ही पूरे प्रदेश की निगाहें लगी हुई है। आज गुरुवार को नगर पंचायत के करीब 15460 मतदाता सभी नौ प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला बैलेट पेपर (मतपत्र) के जरिए करेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान सभी प्रत्याशियों एवं समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने में भी प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। दिलचस्प हो चुके इस चुनाव में मतदाता किसे अपना पहला चेयरमैन चुनेंगे ? इसका फैसला 13 मई को होने वाली मतगणना के बाद ही साफ हो सकेगा की किसकी जीत होगी किसकी हार ? लेकिन इतना अवश्य तय हो गया है कि चुनावी मुकाबला बेहद नजदीक एवं कांटेदार होगा।

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