क्या ऐसी वजह रही कि किसान को फंदे पर लटकने को होना पड़ा मजबूर ?
पलसेड़ा स्थित बिजलीघर पर विद्युत कटौती से नाराज किसानों ने तालाबंदी कर किया धरना प्रदर्शन
पिसावा। क्षेत्र के पलसेड़ा स्थित बिजलीघर पर एक दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों ने विद्युत कटौती से नाराज होकर तालाबंदी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान एक किसान ने फसल खराब होने से दुखी होकर पास ही में एक पेड़ पर फंदा लगाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया, लेकिन मौजूद किसान ने उसे समझा-बुझाकर कर फंदे से नीचे उतरवा लिया। बाद में एसडीओ विद्युत के आश्वासन पर किसानों ने ज्ञापन देकर धरने को समाप्त कर दिया।
गांव पलसेड़ा, शादीपुर, बसेरा, भदियार, लालगढी, नगला डांडा, नगलिया बिजना, खंडेहा, मानपुर, रसूलपुर, बाजोता आदि गांवों के सैकड़ों किसान एकत्रित होकर पलसेड़ा बिजलीघर पर पहुंच गए। इस दौरान किसान विद्युत कटौती व अन्य समस्याओं को लेकर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए बिजलीघर में तालाबंदी कर दिया और धरने पर बैठ गए। किसानों ने कहा कि इन दिनों धान की रोपाई का काम चल रहा है, लेकिन विद्युत कटौती ने किसानों को दुखी कर रखा है। शासनस्तर से किसानों के नलकूपों को 10 घंटे आपूर्ति उपलब्ध कराने के निेर्देश हैं, लेकिन ठीक उसके विपरीत किसानों को महज दो घंटे ही आपूर्ति मिल रही है वह भी टुकड़ों में, जिससे नलकूपों से पानी खेतों में पहुंचने से पहले ही रास्ते में सूख जाता है। इस दौरान एक किसान ने पास ही में खड़े पेड़ पर फंदा लगाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया, लेकिन तभी वहां मौजूद किसानों की नजर उस पर पड़ गई। मौजूदा लोगों ने किसान को समझा-बुझाकर कर उसे फंदे से नीचे उतरवाया। किसानों के प्रदर्शन की जानकारी पर SDO जट्टारी प्रवीण कुमार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान किसानों ने उन्हें नलकूपों की आपूर्ति दिन-रात दिलाने, जर्जर पड़ी लाइनें को ठीक कराने, पलसेड़ा बिजलीघर की क्षमता बढ़वाने की मांग की। जिस पर SDO ने शीघ्र ही उनकी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। किसानों 72 घंटे में समस्याओं का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए धरने को समाप्त कर दिया। इस मौके पर किसान एकता संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र श्योरान, रोबिन चौधरी, जयप्रकाश सिंह, उदयवीर सिंह, संतोष कुमार, जगवीर सिंह, विक्रम सिंह, संजय सिंह, विजय कुमार, हरदयाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, ऋषिपाल सिंह, संजय सिंह, तेजपाल सिंह, उदयवीर, सुरेश चंद, भूपेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, विजय कुमार, कालू सिंह, देवी चरण, हरवीर सिंह, धन सिंह, गुड्डू सिंह, लोकेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, सुनील कुमार, ओम प्रकाश, अमित कुमार, शंकर सिंह, गजेंद्र सिंह, विनीत कुमार, निर्मल सिंह, सोनू सिंह, मुनेश शर्मा, चंद्रपाल शर्मा, विजय चौधरी, रंजीत सिंह, राजकुमार सिंह, नरेंद्र सिंह आदि समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।