हर्षोल्लास के साथ मनाई गई संविधान के रचियता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती
गभाना। नगर समेत क्षेत्रभर में रविवार को संविधान के रचियता डा. भीमराव आंबेडकर की 133 वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अनुयाईयों ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि देते हुए उनके बताए गए रास्तों पर चलकर देश को अखंड भारत बनाने का संकल्प लिया।
तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम हीरालाल सैनी, तहसीलदार अजीत सिंह व नायब तहसीलदार अजेंद्र तौमर ने बाबा साहब के छविचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
नगर के आंबेड़कर चौक में बाबा साहब की प्रतिमा पर अनुयाईयों ने माल्यार्पण के जरिए अपनी श्रद्धाजंलि दी। वक्ताओं ने उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला और उन्हें महान देशभक्त व समाज सुधारक बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब हम सभी के लिए उदाहरण हैं कि शिक्षा से सब कुछ मिल सकता है। जब समाज में ऊंच-नीच, जाति-पांत के भेदभाव की भावना थी, तब बाबा साहब ने उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा हमारे देश के प्रथम कानूनमंत्री व संविधान सभा के अध्यक्ष बने। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर जिस संविधान की रचना की उसमें सभी वर्गो के हित को ध्यान में रखा गया है। जिससे देश दिन दोगुनी, रात चौगुनी उन्नति कर रहा है। उन्होंने देश की सामाजिक एकता को मजबूत रखने का संदेश दिया।
इस दौरान चेयरमैन अभिमन्युराज सिंह, इंस्पेक्टर सुधीर कुमार व अध्यक्ष व समाजसेवी सतपाल सुमन, सभी सभासदों ने भी बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर चरन सिंह नेताजी, कीमपाल सिंह दारोगा, राजवीर सिंह, सुरेश डीलर, कांती स्वरूप, तारा चंद्र, संजू डीजे, वीरू, रंजीत चौधरी, हिमालय, पूसी, प्रदीप सैनी, संतोष, राजू, नरेंद्र, दीपू्, गजेंद्र सिंह, दीपक रैना, जीतू फिनेस्टा, दिनेश राना, प्रशांत, प्रेमचंद, गुलशन, दृश्यसुमन, हर्षवर्धन, भानूप्रताप, अजय, विजय, रविशंकर, विक्रांत, धीरू, रोनू, दीपेद्र राज, शिवकुमार आदि का सहयोग रहा।
वहीं शाम को सभासद कामिनी सुमन के नेतृत्व में लोगों ने घरों को सजाने के साथ ही आतिशबाजी कर केक काटा। वहीं चंडौस, पिसावा, नगला पदम, रामपुर शाहपुर, कलुवा समेत विभिन्न गांवों में बाबा साहब की धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें लोगों का उत्साह देखते हुए बन रहा था।