सहजपुरा में फैक्टरी में तैयार किया जा रहा था मिलवाटी पनीर, एसडीएम के नेतृत्व में एफएसडीए की टीम ने मारा छापा
- 15 कुंतल दूध व ढ़ाई कुंतल पनीर को कराया नष्ट, 13 नमूने जांच के लिए भेजे
अलीगढ़। मिलावटखोर आर्थिक लाभ के लिए सफेद पनीर का काला कारोबार धड़ल्ले से कर रहे हैं। जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। एफएसडीए की टीम समय-समय पर छापेमार कार्रवाई भी करती हैं, लेकिन कोई उचित कार्रवाई न होने के चलते मिलावटखोर लगातार लोगों की जिदंगी के साथ खेलने से जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। यह हकीकत बुधवार को सहजपुरा स्थित एक पनीर फैक्टरी में एसडीएम खैर के नेतृत्व में एफएसडीए की टीम के छापेमार कार्रवाई के दौरान सामने आई। जहां पर रिफाइंड पामोलिन,आर्टिफिशल फ्लेवरिंग एजेंट, पोस्टर कलर, लिक्विड डिटर्जेंट , स्किम्ड मिल्क पाउडर, ग्लूकोज पाउडर, जैसे पदार्थ मिलाकर पनीर तैयार होता मिला। जिस पर टीम ने फैक्टरी ने 13 नमूने संग्रहित करके जांच को प्रयोगशाला भेज दिए हैं। वहीं मिलावटी दूध व पनीर को नष्ट कराकर फैक्टरी को सील करते हुए पिसावा थाना में मुकदमा दर्ज कराया है।
एसडीएम खैर दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैय्यद इबादुल्लाह, अमर बहादुर, त्रिभुवन नारायण, प्रियस कुमार ने थाना पुलिस के साथ सहजपुरा स्थित शरीफ खान के पनीर प्लांट पर छापेमार कार्रवाई की। जहां पर टीम को मिलावटी पनीर तैयार होते हुए मिला। कार्यवाही के दौरान पनीर, दूध, स्किम्ड मिल्क पाउडर, अपमिश्रक पामोलिन ऑयल,आर्टिफिशल फ्लेवरिंग एजेंट, पोस्टर कलर, क्रीम, ग्लूकोज़ पाउडर, पनीर बनाने हेतु दो तरह के अज्ञात घोल मिला। जिस पर टीम ने सभी के कुल 13 सैंपल एकत्रित कर जांच को प्रयोगशाल में भिजवा दिया। वहीं वहां पर मौजूद 15 कुंतल मिलावटी दूध, ढाई कुंतल मिलावटी पनीर को नष्ट करा दिया। एसडीएम खैर ने बताया कि फैक्टरी को सील करा दिया गया है। वहीं आरोपी फैक्टरी संचालक के खिलाफ पिसावा थाना में मुकदमा पंजीकृत कराया है तथा लाइसेंस निरस्तीकरण कराने की कार्रवाई की जा रही है।
लचर रवैये से फलफूल रहा गोरखधंधा
ग्रामीणों का आरोप है कि समय-समय पर एफएसडीए की टीम पनीर फैक्टरियों पर छापेमार कार्रवाई करती है। पिछले दिनों भी टीम ने एक फैक्टरी में छापेमारी कार्रवाई करते हुए रिफाइंड तेल व अन्य मिलवाटी सामान से पनीर बनता हुआ पकड़ा था, लेकिन टीम सैंपल लेने के बाद कोई उचित कार्रवाई नहीं करती है। प्रशासन के लचर रवैये से चलते मिलावटखोरों का यह गोरखधंधा दिन व दिन बढ़ता जा रहा है।