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थाने में दारोगा की पिस्टल से चली गोली से घायल महिला ने मेडिकल में तोड़ा दम

  • छह दिन पूर्व थाना कोतवाली नगर में पासपोर्ट बनवाने को रिपोर्ट लगवाने के दौरान हुई थी घटना
  • आरोपी मुंशी को जेल भेजा, फरार दाराेगा पर बीस हजार का इनाम घोषित, गैर जमानती वारंटी जारी

अलीगढ़। शहर के थाना कोतवाली नगर में शुक्रवार को दारोगा की लापरवाही के चलते पिस्टल से चली गोली से गंभीर रूप से घायल हुई महिला आखिर बुधवार को जिंदगी से जंग हार गई। देर रात महिला ने जेएन मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली। घटना को लेकर लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है। रात में तीन सदस्यीय पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने की तैयारियां की जा रही है। उधर, फरार आरोपी दारोगा पर 20 हजार का इनाम घोषित करने के साथ ही गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है। मामले में दोषी मिले मुंशी, आरक्षी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

यह थी पूरी घटना
कोतवाली नगर क्षेत्र की तुर्कमान गेट हड्डी गोदाम के पास निवासी शकील अहमद की पत्नी इशरत जहां बेटा इशान के साथ शुक्रवार को पासपोर्ट के लिए सत्यापन कराने के लिए कोतावली गई थी। कार्यालय में भुजपुरा चौकी इंचार्ज मनोज कुमार भी मौजूद थे। इशरत जहां व उनका बेटा कर्मचारी की सीट के सामने खड़े थे। तभी तभी मुंशी सुदीप ने शस्त्रगार से बिना मैंगजीन निकाले ही पिस्टल दारोगा मनोज कुमार को दे दी। दारोगा ने पिस्टल लेते ही उसे लोड किया और ट्रिगर दबा दिया। उस समय पिस्टल की नाल इशरत जहां की ओर थी। गोली लगते ही महिला जमीन पर गिर पड़ी। मां के गोली लगते ही बेटा भौचक्का रह गया, जबकि सरकारी पिस्टल से गोली चलने से कोतवाली में हड़कंप मच गया। महिला को आनन-फानन में उपचार को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

दारोगा की ग‍िरफ्तारी की मांग को लेकर किया हंगामा

थाना कोतवाली में दारोगा की लापरवाही के चलते गोली लगने से महिला के घायल होने की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग कोतवाली पर एकत्रित हो गए। वह आरोपी दारोगा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। एसएसपी कलानिधि नैथानी समेत तमाम आलाधिकारी के अलावा पूर्व विधायक जमीर उल्लाह व पूर्व मेयर मोहम्मद फुरकान मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।

तीन महीने पहले ही दारोगा ने कराई थी आमद

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार दारोगा मनोज कुमार ने तीन माह पूर्व ही जनपद आगरा से अलीगढ़ में अपनी आमद कराई गई। मनोज को कोतवाली नगर की चौकी भुजपुरा का चौकी प्रभारी बनाया गया।बेटे ने दर्ज कराया मुकदमा

इशरत जहां के बेटे इशान ने दारोगा पर जानबूझकर गोली मारने आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित के अनुसार कोतवाली से दारोगा मनोज कुमार का पासपोर्ट वैरिफिकेशन के लिए कॉल आने पर वह मां के साथ दोपहर बाद कोतवाली पहुंचे और वैरिफिकेशन के लिए भुजपुरा चौकी प्रभारी मनोज कुमार से मिले। दारोगा ने कहा कि अभी काम है तुम एक घंटे रुक जाओ। इस पर उसने दरोगा से अनुरोध किया कि उसकी मां बीपी और शुगर की मरीज है। वह बार-बार नहीं आ सकती है, वैरिफिकेशन अभी कर दो। इस पर दरोगा ने उग्र होकर उसकी मां के ऊपर अपनी सरकारी पिस्टल से जान से मारने की नियत से फायर कर दिया। गोली सीधे उसकी मां के गर्दन के नजदीक जा लगी। गोली लगते ही मां जमीन पर गिर पड़ी और बेहोश हो गई। उसके बाद आरोपी दरोगा मौके से फरार हो गया।

छह दिन बाद जिंदगी से हारी इशरत

दारोगा की गोली से गंभीर रूप से घायल इशरत जहां का जेएन मेडिकल काॅलेज में उपचार चल रहा था। मंगलवार को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली का टुकड़ा निकाल दिया था, लेकिन तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार रात को उनकी मुत्यु हो गई। महिला की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंच कर आक्रोशित लोगों को कार्रवाई एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। रात में ही महिला का वीडियोग्राफी के मध्य तीन सदस्यीय डॉक्टरों के पैनल के जरिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस दौरान खुद एसएसपी कलानिधि नैथानी, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, एसपी सिटी मृगांग शेखर पाठक समय कई थानों का पुलिस फोर्स मौजूद रहा। महिला के घर के पास भी एहतियातन भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।

आरोपी मुंशी को भेजा जेल

दारोगा को पिस्टल देने वाले मुंशी सुदीप को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिय है। वहीं फरार आरोपी दारोगा के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी करने के साथ ही 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।

पूर्व विधायक बोले, कहां है बाबा का बुलडोजर
महिला की मौत की सूचना मिलने पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान समेत राजनैतिक पार्टियों से जुड़े विभिन्न लोग मौके पर पहुंच गए। पूर्व विधायक ने महिला की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि प्रदेश में किसी भी घटना पर सरकार का बुलडोजर चलने लगता है। अब कहां है बाबा का बुलडोजर। उन्होंने कहा कि आरोपी दरोगा, पुलिस के रूप में क्रमिनल है। इसलिए पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही है। पुलिस में इस तरह के कितने लोग हैं, इसकी जांच की जानी चाहिए।

पीड़ित परिवार के साथ है पुलिस

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि पुलिस परिवार पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और संवेदना प्रकट करता है। महिला का पैनल आदि द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है , साथ ही निष्पक्ष विवेचना कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस टीम आरोपी दारोगा की धड़पकड़ के लिए जुटी हुई है, जल्द ही उसे गिरफ़्तार कर जेल भेजा जाएगा।

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