रॉयल स्टार न्यूज : अलीगढ़ और गभाना क्षेत्र से इस समय की प्रमुख खबरें...

मण्डलायुक्त ने विकास कार्यों की समीक्षा में दिए कड़े निर्देश, लापरवाही पर होगी सख्ती

अलीगढ़। मण्डलायुक्त संगीता सिंह की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में आयोजित मण्डलीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति का आकलन किया गया। बैठक में गौ आश्रय स्थल, उर्वरक वितरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, आवास, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, सौर ऊर्जा एवं निर्माण परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई। आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में नोडल अधिकारियों को संवेदनशीलता अपनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि विकास कार्यों की रैंकिंग में मण्डल प्रदेश में 5वें स्थान पर रहा है। जिलों में हाथरस 13वें, एटा 22वें, जबकि अलीगढ़ व कासगंज 32वें पायदान पर रहे। मण्डलायुक्त ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय से पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों को चेताया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपर निदेशक पशुपालन डॉ0 प्रमोद कुमार ने अवगत कराया कि मण्डल के 228 गौ आश्रय स्थलों में 56,314 गौवंश संरक्षित हैं। अलीगढ़ और कासगंज में 2-2 वृहद गौ संरक्षण केंद्र शीघ्र ही पूर्ण हो जाएंगे। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि अस्थाई गौवंश शिफ्ट करने से पूर्व कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। संयुक्त  निदेशक कृषि ने उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की जानकारी दी, जिस पर कमिश्नर ने नियम विरुद्ध वितरण पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्राथमिक शिक्षा की समीक्षा में उन्होंने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं नामांकन वृद्धि पर बल दिया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सीएसआर के माध्यम से सोलर हीटर लगाए जाने के निर्देश दिए। नेडा के प्रभारी ने अवगत कराया कि सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने की प्रक्रिया गतिमान है। कमिश्नर ने विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे विद्युत तारों को प्राथमिकता से हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की जिंदगी को खतरे से सुरक्षित किया जाए। एडी बेसिक ने बताया कि मण्डल के 782 विद्यालयों का युग्मिकरण किया गया है। कमिश्नर ने जर्जर विद्यालयों में शिक्षण कार्य न होने देने एवं युग्मिकरण के उपरांत खाली विद्यालय भवन में बाल वाटिकाएं व अन्य शैक्षिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को 48 घंटे में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 67.69 प्रतिशत भुगतान ही पाया गया। कमिश्नर ने सभी जिलाधिकारियों को 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए। पंचायतीराज विभाग की समीक्षा में पाया गया कि मण्डल के 74 प्रतिशत ग्राम ओडीएफ प्लस सत्यापित हो चुके हैं। पंचायत भवनों में कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से जुलाई माह तक 31,46,220 की आय हुई। डिजिटल लाइब्रेरी के 544 केंद्र बनाए जाने हैं, जिसमें अलीगढ़ और एटा ने कार्यादेश निर्गत कर दिया है। हाथरस और कासगंज में प्रक्रिया शेष है। मण्डल में 45 अंत्येष्टि स्थल एवं पंचायत उत्सव भवनों के लिए स्थल चयन का कार्य प्रगति पर है। आवास प्लस सर्वे में 63,674 पात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं में नेट मीटरिंग का कार्य समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में कासगंज को और कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष में 2810 आवेदन अपलोड किए गए, जिनमें से 1282 को स्वीकृति मिल चुकी है। प्रत्येक जिले में अन्नपूर्णा दुकानें स्थापित करने के निर्देश दिए गए। एक वर्ष से लंबित निर्माण परियोजनाओं पर भी समीक्षा हुई। कार्यदाई संस्था ने बताया कि निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में विद्युत संयोजन के लिए धनराशि जमा कर दी गई है, जिस पर विद्युत विभाग को शीघ्र एस्टीमेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में डीएम अलीगढ़ संजीव रंजन, डीएम एटा प्रेम रंजन, डीएम हाथरस राहुल शर्मा, डीएम कासगंज प्रणय सिंह, जेडीसी मंशा राम यादव, उप निदेशक अर्थ संख्या अनुला वर्मा, समेत सभी सीडीओ एवं मण्डलीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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प्लेटफार्म वर्कर्स या गिगवर्कर्स का ई-श्रम पोर्टल पर होगा पंजीकरण

अलीगढ़। सहायक श्रम आयुक्त सुरेन्द्र राकेश ने प्लेटफार्म वर्कर्स या गिग वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर कराए जाने वाले पंजीकरण के लिए श्रम विभाग द्वारा लगाए जाने वाले कैम्पों के बारे में अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा प्रदान किये जाने के उद््देश्य से ई-श्रम पोर्टल पर गिग वर्कर्स और एग्रीगेटर्स का पंजीयन कराये जाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड लखनऊ द्वारा किसी ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से कार्यशील श्रमिक, जिसे अनुबन्धमें की गयी शर्तों के अधीन पारिश्रमिक प्राप्त होता है, किन्तु उन वर्कर्स और उनके नियोक्ता में कर्मचारी सेवायोजक का कोई पारम्परिक सम्बन्ध नहीं होता है, ये वर्कर मात्र डिजिटल माध्यम से जुड़े होते हैं। ऐसे श्रमिकों को प्लेटफार्म वर्कर्स या गिगवर्कर्स कहते हैं और ऑनलाइन ऐप के माध्यम से जुड़े नियोक्ताओं को एग्रीगेटर्स कहते हैं। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग द्वारा प्लेटफार्म श्रमिक या गिगवर्कर्स का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण किये जाने के लिए 05 सितम्बर तक विशेष पंजीकरण शिविर लगाये जा रहे हैं। उन्होंने सेवा के आधार पर एग्रीगेटर्स की श्रेणी और एग्रीगेटर्स के नाम की जानकारी देते हुए बताया कि राइड शेरिंग सर्विस क्षेत्र में ओला, उबर, क्विकराइड, मारू, कुबो, टैक्सीफोर्सर, फूड एण्ड लॉजिस्टिकडिलिवरी क्षेत्र में जोमेटो, स्वीगी, ब्लिंकिट, फूडपॉण्डा, बिगबॉस्केट, जैपटो, ग्रोफर्स, लॉजिस्टिक सर्विस क्षेत्र में एक्सप्रेसबीस, एक्सप्रेसलाजिस्टिक, ब्लूडार्ट, फिडेक्स, ट्रेक्कॉन, शिपरॉकेट, पॉर्टर, ई-माकेटप्लेस क्षेत्र में अमेजान, फिल्पकार्ट, स्नैपडेलई-बे, शॉपक्लू, होम शॉप-18, मिंत्रा, मीसो, प्रोफेशनल क्षेत्र में अरबन कम्पनी, जेरोधा, एरजेल ब्रोकिंग, प्रेक्टोलाइक, बाइजूस बेटर हेल्थ, टॉक्सपेस, वेडान्टू, टॉपरस, लीगलरा, हेल्थकेयर क्षेत्र में प्रेस्टो, नाइका, टाटा 1 एम०जी०, नेटमेडस, मेडलाइफ फिटविट, ट्रेवर्ल्स एण्ड हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र मेंरेड बस, मेकमाईट्रिप, गोइबो, यात्रा, अगोडा, कन्टेन्ट मीडिया सर्विस क्षेत्र में यू-ट्यूूब, फेसबुक, नेटफ्लिक्स, स्पोटीफाई, गूगल, अडबर्ड, गेन से जुड़े कार्मिक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 05 सितम्बर तक जिले में सभी श्रम प्रवर्तन अधिकारी अपने-अपने आंवटित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण शिविर लगायेंगे। उन्होंने जिले के ऐसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले एग्रीगेटर्स व प्लेटफार्म वर्कर्स को सूचित किया है कि वह शहर में आयोजित हो रहे कैम्पों के माध्यम से ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीयन कराकर संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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भरण-पोषण की राशि न देने पर पति 30 दिन के लिए जेल भेजा गया

अलीगढ़। ए.एफ.सी. कोर्ट संख्या-4 अलीगढ़ में भरण-पोषण की वसूली संबंधी एक मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश पारित किया। वादिया, जिसकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी और जिसकी एक 3 वर्षीय पुत्री है, ने भरण-पोषण की वसूली हेतु वाद दायर किया था। विपक्षी पति न तो भरण-पोषण की फाइल पर और न ही वसूली की फाइल पर उपस्थित हुआ। इस पर न्यायालय ने विपक्षी पति के विरुद्ध 1,78,500 की रिकवरी जारी की, जो 5000 प्रतिमाह के हिसाब से 36 माह की धनराशि है। साथ ही गिरफ्तारी वारंट जारी कर अतरौली पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। पुलिस द्वारा विपक्षी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। भरण-पोषण की धनराशि जमा न करने पर न्यायालय ने विपक्षी पति को जिला कारागार अलीगढ़ में 30 दिनों के लिए भेजने का आदेश दिया। इस प्रकरण में काउंसलर एडवोकेट योगेश सारस्वत ने जानकारी दी।

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