गुरु गोबिंद सिंह को प्रकाशपर्व पर किया नमन
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ़ में त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति खालसा पंथ के संस्थापक एवं सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के 359वें प्रकाशपर्व पर वीरता एवं देशभक्ति को नमन किया गया। अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह बलिदानी परंपरा में अद्वितीय उदाहरण है। योद्धा, आध्यात्मिक नेता, लेखक, मौलिक चिन्तक तथा संस्कृत सहित कई भाषाओं के ज्ञाता कवि व भक्त भी थे। अन्याय व अत्याचार को खत्म करने के लिए मुगलों के साथ 14 युद्ध लड़े थे। इस अवसर पर कृष्ण गोपाल नगाइच, पंकज चाहर, रिषभ प्रताप सिंह, प्रियांशु ठैनुआं, शशांक ठैनुआं, सचिन, आर्यन, गुड्डू, राजू, निखिल कुमार, अमन, धीरज, सूरज, साधना आदि थे।

वहीं, मंगलायतन विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों व अधिकारियों ने गुरु गोबिंद सिंह की 356वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। डा. उन्नति जादौन ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह की जयंती हमें उनके बलिदान, वीरता और आध्यात्मिकता की याद दिलाती है, जो आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान करती है। लव मित्तल ने कहा कि गुरू गोविंद सिंह ने सदा प्रेम, सदाचार और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर डा. मनोज वाष्र्णेय, डा. सोनी सिंह, डा. नियति शर्मा आदि थे।