गभाना के सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल में आयोजित आरएसएस के तीन दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का हुआ समापन
गभाना। नगर के सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तीन दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का सोमवार को समापन हो गया। स्वयंसेवकों ने शिविर में लिए गए प्रशिक्षण का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र वसमाज सेवा का संकल्प लिया।
समापन पर जिला प्रचारक अनमोल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सुसंपन्न, सुसंगठित और समरस समाज की कल्पना करता है। जब तक समाज पूर्ण रूप से तैयार नहीं होगा, तब तक कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता है।अनादि काल से भारत की हिंदू सभ्यता, संस्कृति, समर्पण, सेवा भाव और बलिदान संस्कारों की अलग पहचान रही है। वर्तमान में युवाओं को संस्कार की शिक्षा देना आवश्यक है। युवाओं को वट वृक्ष के रूप में तैयार करना ही संघ का मुख्य उद्देश्य है। आज देश में किसी भी प्रकार की संकट आती है तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी भारतवासी एक हो जाते हैं। जिला संघ चालक नीरज गुप्ता ने कहा कि आज के समय में प्रत्येक हिंदू को योद्धा बनने की जरूतरहै। संघ उसी दिशा में कार्य भी कर रहा है। नई पीढ़ी को क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों की जीवन गाथा और ऐतिहासिक गौरव को जानने की जरूरत है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है जो कि सदैव निःस्वार्थ भाव से सामाजिक एवं राष्ट्रीय कार्यों में अपनी भूमिका निभाता रहा है। जैसे खेलों में प्रत्येक खिलाड़ी की महत्वता है, ठीक उसी प्रकार संघ में हर स्वयंसेवक की भूमिका है। संघ खेल से संस्कार देने का प्रयास करता है। इसलिए एक घंटे की शाखा सिर्फ खेल स्थान नहीं, बल्कि संस्कार का एक केंद्र है। शिविर में गभाना, खैर वलोधा के 85 स्वयंसेवकों ने दंड, जूडो-कराटे, लाठी चलाने समेत अन्य शारीरिक व आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस मौके पर शिवकांत रावत, अनिल सारस्वत, भुवनेश कुमार सिंह, राकेश सिंह, पं. श्यामबाबू शर्मा, राजकुमार डिश, अनिल प्रधान, देवकीनंदन पांडेय, तरूणमाहौर, राजकुमार कुशवाह आदि मौजूद रहे।