गभाना में लेखपालों ने एंटी करप्शन टीम की ट्रैप कार्रवाई को रोकने की मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन
गभाना। तहसील परिसर में शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले राजस्व निरीक्षकोंवलेखपालों ने विभिन्न समस्याआें को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।साजिशन झूठा फंसाए जाने की नीयत से सामान्य शिकायत पर एंटी करप्शनव विजिलेंस टीम द्वारा जबरन ट्रैप की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष भानूप्रताप सिंह के नेतृत्व में तहसील पर तैनात लेखपालव राजस्व निरीक्षकों ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग का क्षेत्रीय कर्मचारी है, जिसका सीधा संबंध ग्रामीणों से होता है। दो पक्षों में जमीनी विवाद का निस्तारण कराने के दौरान एक पक्ष का असंतुष्ट होना स्वभाविक बात है। ऐसे में वह पक्ष लेखपाल से दुश्मनी मान लेता हैं और क्षेत्र की राजनीति में घसीटने का प्रयास करता है। सफल न होने पर वह पक्ष लेखपाल के खिलाफ साजिश करके एंटी करप्शन द्वारा पकड़वाने का काम कर रहा है। एंटी करप्शन टीम द्वारा वास्तविक तथ्यों की जांच किए बिना ही झूठी शिकायत पर प्री ट्रैप की जांच की कागजी औपचारिकता कर लेखपाल को फंसाने के विधिक प्रयास कर गिरफ्तार कर लिया जाता है। अधिकांश मामलों में शिकायतकर्ता का उल्लिखित कार्य लेखपाल से संबंधित ही नहीं होता है और न ही रिश्वत मांगी जाती है।साजिशन शिकायतकर्ता जबरन लेखपाल की जेब, हाथ या वाहन में रुपये रख देता है। एंटी करप्शन टीम द्वारा लेखपाल के हाथ में जबरन रुपये रखकर या अपने पाउडर लगे हाथ से उसका हाथ पकड़कर पानी से में धुलवाया जाता है। बीती दो जनवरी को गाजीपुर की तहसील कासिमाबाद में लेखपाल को जबरन ट्रैप किया गया, जबकि वह लेखपाल अन्य ग्रामीणों के सामने पैमाइश कर रहा था और शिकायतकर्ता ने जबरन उसकी जेब में रुपये डाल दिए। एंटी करप्शन टीम ने ग्रामीणों के मना करने के बाद भी लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया। इसी तरह 31 दिसंबर को लखनऊ की सरोजनी नगर में भी लेखपाल को फर्जी ट्रैप कराया गया। वहीं चार अक्टूबर को महराजगंज में भी एक दलाल को पैसा पकड़ाकर उसका संबंध बताते हुए लेखपाल को गिरफ्तार किया गया। बाद में एंटी करप्शन टीम द्वारा लेखपाल द्वारा कोई रुपये न मांगे की बात को स्वीकार किया। जिसकी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जमकर प्रसारित हो रही है। उन्होंने साजिशनलेखपालोंव कर्मचारियों को गिरफ्तार कराने पर रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर कानून गो अशोक बाबू, देवी सिंह, भनी सिंह, मुकेश चौधरी, कौशलेंद्र यादव, बबलू कुमार, भुवनेश सारस्वत, रेशमपाल सिंह, त्रिलोकी प्रसाद, पवन यादव, फकीरचंद्र गौतम, शुभम कुमार, रूदल कुमार गौड़, राजीव शर्मा, देवेंद्र कुमार, धीरेंद्र शर्मा, विनोद कुमार, सुनील वर्मा, श्रीपाल सिंह, निर्दोष शर्मा आदि मौजूद रहे।