बेटी की शादी का सपना हुआ साकार, मजदूर बाप की आंखों से छलक उठे खुशी के आंसू
- कन्यादान सुगमंगल फाउंडेशन बना मददगार, 33वां लिया कन्यादान
अलीगढ़ । तहसील क्षेत्र के गांव ओगर नगला राजू के मजदूर पिता रामखिलाड़ी ने छह बेटियों में अपनी दूसरे नंबर की बेटी लक्ष्मी की धूमधाम से शादी करने का सपना देख रखा था, लेकिन आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय होने के कारण खुद को असहाय देखा। बेटी की शादी पहासू से तय कर दी। छह मार्च का शुभ मुहूर्त निकला। बरात आने में कुछ दिन बाकी थे और शादी की तैयारी पूरी न हो सकी। इससे मजदूर रामखिलाड़ी चिंतित थे और पिछले कई दिन से परेशान थे। इसी बीच गभाना के कन्यादान सुमंगल फाउंडेशन के कैप्टन दुष्यंत सिंह व सदस्यों को इसकी किसी तरह जानकारी मिली तो फाउंडेशन के सदस्यों ने एक पिता के बेटी को डोली में बिठाकर ससुराल विदा करने के सपने को पूरा करने व कन्यादान करने का संकल्प ले लिया।
इस क्रम में रविवार को सदस्य बेटी लक्ष्मी की शादी कराने का जिम्मा उठाते हुए शादी के लिए जरूरी सामान लेकर रामखिलाड़ी के घर पहुंच गए । यह देख रामखिलाड़ी व उनकी पत्नी की आंखें खुशी से छलक उठी । कन्यादान सुमंगल फाउंडेशन इससे पूर्व जनपदभर में जरूरमंद परिवारों की 32 कन्याओं की शादी में सहयाेग कर चुका है। यह 33 वां अवसर था जब फाउंडेशन एक माता-पिता के सपनों को साकार करने में मददगार बना है।
फाउंडेशन से अब तक करीब चार हजार से अधिक सदस्य बन चुके हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष कैप्टन दुष्यंत सिंह ने पुणे ( महाराष्ट्र ) ड्यूटी पर तैनात होने के बाद भी वीडियो कॉल के जरिए से बिटिया लक्ष्मी को सुखद दापंत्य जीवन का आशीर्वाद दिया । उधर, फाउंडेशन की इस सराहनीय पहल को ग्रामीणों ने सराहा। उन्होंने सदस्यों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर फाउंडेशन के चौधरी अजय सिंह, ठा. धर्मेंद्र सिंह, अमित गोयल, प्रवीन शर्मा, लोकेंद्र कश्यप बंटी, नितिन वर्मा, सचिन सारस्वत, अमित शर्मा, दुर्गेश गोयल, दीपक वर्मा, संचित ठाकुर आदि ने भी बिटिया लक्ष्मी का कन्यादान लेकर सुखद भविष्य की ईश्वर से कामना की है।