मंगलायतन विश्वविद्यालय के नए कुलसचिव बने कमांडर मनोज के.
23 वर्षों तक भारतीय नौसेना में दे चुके हैं विशिष्ट सेवाएं, एमटेक व एमबीए की हैं उपाधियां
अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व अनुशासित बनाने के उद्देश्य से भारतीय नौसेना की गौरवशाली पृष्ठभूमि से जुड़े कमांडर मनोज के. (सेवानिवृत्त) को विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव (रजिस्ट्रार) नियुक्त किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चेयरमैन हेमंत गोयल, कुलपति प्रो. पीके दशोरा एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने उन्हें बधाई देते हुए सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
पारदर्शी प्रशासन और छात्रों का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता
पदभार ग्रहण करने के बाद नवनियुक्त कुलसचिव कमांडर मनोज के. ने अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा, कड़े अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे। परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध (रिसर्च), नवाचार (इनोवेशन) और एक पूरी तरह पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था को लागू करना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और संस्थान की प्रतिष्ठा को और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
दो दशक से अधिक का है व्यापक प्रशासनिक अनुभव
कमांडर मनोज के. को रक्षा सेवाओं, उच्च शिक्षा प्रशासन, मानव संसाधन प्रबंधन (HRM,तकनीकी संचालन एवं संस्थागत विकास का दो दशक (20 वर्ष) से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय नौसेना में 23 वर्षों तक अपनी विशिष्ट सेवाएं दी हैं, जहां विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने उत्कृष्ट रणनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया।
उच्च शैक्षणिक योग्यताओं से हैं समृद्ध
तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल के धनी कमांडर मनोज के. ने एमटेक (एरोनॉटिक्स) एवं एमबीए (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट) की उच्च उपाधियां प्राप्त की हैं। इसके अतिरिक्त, वे ‘लीन सिक्स सिग्मा ग्रीन बेल्ट’ एवं ‘सर्टिफाइड स्क्रम मास्टर’ जैसी प्रतिष्ठित पेशेवर प्रमाणिकताओं से भी सुसज्जित हैं। नौसेना में उनकी उत्कृष्ट व अनुकरणीय सेवाओं के लिए उन्हें ‘चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ’ (CNS) तथा ‘फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ’ द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है। उनके इस व्यापक अनुभव का लाभ अब मंगलायतन विश्वविद्यालय के शैक्षणिक व प्रशासनिक ढांचे को मिलेगा।